जेवर/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार की जद में आए गांव रामनेर में शनिवार को ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायत आयोजित की। पंचायत में विस्थापन, मुआवजा और दस्तावेज़ों से जुड़ी परेशानियों को प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे गांव खाली नहीं करेंगे।
पटवारी के आरोप और दस्तावेजी विवादों ने ग्रामीणों को पंचायत बुलाने पर मजबूर किया
एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में गांव के शिव मंदिर परिसर में आयोजित पंचायत में ग्रामीणों ने प्रशासनिक स्तर पर हो रही दिक्कतों को सामने रखा। गांव निवासी शैलेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि पटवारी द्वारा किसानों के बारह साला (भूमि अभिलेख संबंधी प्रमाण पत्र) को फर्जी बताया जा रहा है, जबकि अन्य दस्तावेज़ों को भी बेवजह अधूरा बताकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। इसी कारण पंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों ने मांग की कि एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े सक्षम अधिकारी गांव-गांव जाकर शिविर लगाएं और मौके पर ही किसानों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करें। पंचायत में यह भी कहा गया कि प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार दिया जाए। शैलेश ठाकुर ने बताया कि सहमति पत्र लेते समय अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि मुआवजे से जुड़ी फाइलों में आने वाली समस्याओं का समाधान गांव में ही किया जाएगा, लेकिन वर्तमान में ग्रामीणों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों की सख्त शर्त: सुविधाएं पूरी किए बिना कोई गांव खाली नहीं करेगा
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पंचायत में ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई कि जहां विस्थापन किया जा रहा है, वहां सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएं। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी सभी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक गांव खाली करने का सवाल ही नहीं उठता।
इस पंचायत में शैलेश ठाकुर, प्रवीण कुमार, जितेंद्र ठाकुर, विजय पाल, कमल शर्मा, हरपाल सिंह, वीरेंद्र पाल, कुंवरपाल, नानक ठाकुर, केके शर्मा, ईश्वरचंद शर्मा, संजय, योगेश ठाकुर सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
