रबूपुरा/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। कस्बा के शांति नगर मोहल्ले में रविवार को श्रद्धा और उत्साह के बीच सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा प्रारंभ से पूर्व भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों महिला श्रद्धालु पारंपरिक परिधानों में सजधजकर पवित्र जल लेकर शामिल हुईं। कलश यात्रा भक्तिमय गीतों के बीच नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण और पुष्पवर्षा के साथ यात्रा का समापन हुआ। पूरे आयोजन स्थल को फूलों की मालाओं, रंगीन झंडियों और रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
श्रीमद्भागवत में डूबा सात दिवसीय आयोजन: ममता बृजकिशोरी ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद की यात्रा का आमंत्रण दिया
धाम गोवर्धन की कथा वाचक ममता बृजकिशोरी ने कथा का प्रारंभ करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि ईश्वर के स्वरूप का साक्षात दर्शन कराने वाला पवित्र माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर यह कथा होती है, वह स्वयं तीर्थ का रूप धारण कर लेता है। इसे सुनने और करवाने का सौभाग्य भगवान के प्रिय भक्तों को ही प्राप्त होता है। ममता बृजकिशोरी ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि आने वाले सात दिनों तक इस अमृतमयी कथा का श्रवण कर अपने जीवन को आध्यात्मिकता की दिशा में ले जाएं।
श्रद्धालुओं ने अनुभव किया दिव्यता का आभास: श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति, जयघोष और जीवन के पुण्य संकल्प की बौछार
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उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य के हृदय में भक्ति का संचार होता है और अनजाने में किए गए अनेक पापों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि यह कथा स्वयं भगवान कृष्ण के मुख की वाणी मानी जाती है, इसलिए इसे केवल सुनना नहीं बल्कि आत्मसात करना ही जीवन का सच्चा उद्देश्य होना चाहिए। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर मंगल गीत गाए और वातावरण हरे कृष्ण, हरे राधे के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का पुण्य अवसर बताया और कथा के समापन दिवस तक प्रतिदिन पहुंचने का संकल्प लिया।
