मुरादनगर (शिखर समाचार) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित नए नियमों तथा अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के कथित दुरुपयोग के विरोध में स्थानीय नागरिकों और संगठनों ने मुरादनगर से जिला मुख्यालय तक विरोध पदयात्रा आयोजित की। बड़ी संख्या में शामिल लोगों ने पैदल मार्च करते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
विद्यार्थी और नागरिकों का संघर्ष: न्यायपूर्ण और पारदर्शी शैक्षिक नियमों के लिए पदयात्रा और ज्ञापन
पदयात्रा में शामिल प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों और प्रस्तावित शैक्षिक नियमों के कारण अनेक निर्दोष नागरिकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को अनावश्यक दबाव व सामाजिक असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कुछ प्रावधानों का गलत उपयोग भी हो रहा है, जिससे न्याय व्यवस्था की मूल भावना प्रभावित होती है। उन्होंने मांग उठाई कि इन नियमों और व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कर व्यावहारिक और संतुलित ढांचा तैयार किया जाए।
ज्ञापन में समानता के अधिकार, भेदभाव निषेध, अवसर की समानता तथा जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि किसी भी कानून या नियम का प्रभाव समाज के सभी वर्गों पर न्यायपूर्ण और पारदर्शी होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से विषय पर व्यापक विचार-विमर्श कर आवश्यक संशोधन करने की अपील की।
गौ रक्षा दल की मजबूत उपस्थिति: जिलाध्यक्ष गुलशन राजपूत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग शामिल
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इस दौरान गौ रक्षा दल के जिलाध्यक्ष गुलशन राजपूत के नेतृत्व में गौरव त्यागी, विकास राणा, वरुण पुंडीर, मुकुल शर्मा, संदीप चोटी, कुलदीप त्यागी, बबली शर्मा, राहुल दुहाई, अंकित यादव, राधेश्याम त्यागी, शुभम शर्मा, रवि कठेरिया, अशोक चौहान, विनोद मिश्रा, अमित शर्मा, मनोज त्यागी, सौरभ शर्मा, कपिल त्यागी, अनुभव शर्मा, यश शर्मा, रोहित शर्मा, मनीष शर्मा, गुरुदत्त शर्मा, मोहित कौशिक, रवि चौधरी और विकास सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
