ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने भारत को स्वास्थ्य उपकरण निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन के दौरान हुई रणनीतिक चर्चाओं के बाद प्राधिकरण ने एक्यूप्रेक रिसर्च लैब्स के साथ मिलकर विश्वस्तरीय प्रयोगशाला अवसंरचना विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
मेडिकल डिवाइस पार्क में वैश्विक मानक परीक्षण सुविधाएं
यह सहयोग सेक्टर 28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में मानक अनुरूपता मूल्यांकन मान्यता योजना (एएससीए) के तहत प्रयोगशालाएं स्थापित करने पर केंद्रित है। अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त इन मानकों के अनुसार परीक्षण होने से यहां निर्मित उपकरणों का परीक्षण डेटा वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य होगा। इससे विदेशी बाजारों में अनुमोदन प्रक्रिया तेज होगी और लागत में कमी आएगी।
दुबई में हुई प्रारंभिक बैठक के बाद एक्यूप्रेक की तकनीकी टीम ने मंगलवार को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण दल का नेतृत्व प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने किया। इस दौरान निर्यात संवर्धन परिषद के कार्यकारी निदेशक प्रवीण कुमार मित्तल तथा परियोजना विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
निरीक्षण और परियोजना की योजना
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निरीक्षण में विशेषज्ञों को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी गई और निर्माणाधीन सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया, ताकि प्रयोगशालाओं का ढांचा पार्क की मौजूदा सेवाओं और अभियंत्रण व्यवस्था के अनुरूप विकसित हो।
परियोजना को शीघ्र गति से आगे बढ़ाने के लिए एक्यूप्रेक ने दो चरणों वाली निवेश योजना प्रस्तावित की है। पहले चरण में वर्तमान साझा वैज्ञानिक सुविधाओं को उन्नत बनाकर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। दूसरे चरण में नई परीक्षण इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, जिन क्षेत्रों की सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं।
निवेश योजना और चरणबद्ध विकास
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अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क में एएससीए मान्यता प्राप्त परीक्षण सुविधाओं की स्थापना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे यहां बनने वाले उपकरण का परीक्षण वैश्विक मानकों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर संभव होगा, जिससे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
दोनों पक्षों ने एक माह की समय सीमा तय की है, जिसमें एक्यूप्रेक द्वारा विस्तृत तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इस रिपोर्ट में आवश्यक उपकरणों, प्रयोगशाला विन्यास और निवेश योजना का पूरा खाका तैयार किया जाएगा।
औद्योगिक और आर्थिक संभावनाएं
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यमुना प्राधिकरण द्वारा विकसित मेडिकल डिवाइस पार्क उत्तर प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है। यहां स्वास्थ्य उपकरण उद्योग के लिए निर्माण इकाइयों के साथ परीक्षण और अनुसंधान की साझा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
