शामली (शिखर समाचार) प्रदेश के औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सभी जनपदों में औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ-साथ आधारभूत संरचना को सुदृढ़ कर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है।
प्रदेश में औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र
रविवार को सुभाष चौक स्थित वरिष्ठ पत्रकार दिनेश भारद्वाज के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि देश में निर्मित होने वाले करीब 65 प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्माण नोएडा में हो रहा है, जो प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शी नीतियों के कारण देश-विदेश के निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
राज्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व सहारनपुर, शामली जैसे जनपदों में सड़क संपर्क की स्थिति संतोषजनक नहीं थी, लेकिन पिछले लगभग नौ वर्षों में सड़क, बिजली और सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। आज इन जिलों को राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिली है। उन्होंने बताया कि महानगरों में 24 घंटे तथा गांव एवं कस्बों में 18 से 20 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। बेहतर कानून व्यवस्था ने उद्योगों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान किया है।
सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन
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जसवंत सैनी ने कहा कि औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक जिले में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक जोन विकसित किए जाएंगे। इन जोन में औद्योगिक क्षेत्र, फ्लैटेड फैक्ट्री, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, सेवा क्षेत्र, हरित क्षेत्र और कार्यालय परिसर का संतुलित लेआउट तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन जोन का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं है, बल्कि उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्योग सहायता से जुड़े विभागों और सुविधाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकेंगे और पलायन पर रोक लगेगी। सरकार का प्रयास है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक संतुलन मजबूत हो।
गंगा एक्सप्रेसवे और औद्योगिक कॉरिडोर
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राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रक्षा उपकरणों के निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेरठ से बलिया तक विकसित हो रहा गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, जो 27 जिलों से होकर गुजरेगा। इसके किनारे 28 औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है। इससे न केवल परिवहन लागत में कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद के परिवहन में भी सुविधा मिलेगी।
जसवंत सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी औद्योगिक शक्ति बनाना है। इसके लिए निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली, पारदर्शी प्रक्रियाएं और समयबद्ध स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
इस अवसर पर दिनेश भारद्वाज, कर्णसिंह चौहान, पुष्पेंद्र भारद्वाज, मुदित भारद्वाज, प्रभात भारद्वाज, आदित्य भारद्वाज और यश गर्ग सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
