कासना की दुकानों पर जिला पंचायत का शिकंजा, विशेष अभियान चलाकर की गई किराया वसूली

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
The District Panchayat tightened its grip on shops in Kasna, conducting a special drive to collect rent. IMAGE CREDIT TO जिला पंचायत

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)

जिला पंचायत गौतमबुद्धनगर ने कासना क्षेत्र में स्थित अपनी दुकानों के बकाया किराये की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया और विशेष अभियान चलाया। लंबे समय से किराया जमा न करने वाले आवंटियों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई। अपर मुख्य अधिकारी प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि कई किरायेदारों ने बार-बार नोटिस दिए जाने और व्यक्तिगत संपर्क के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं कराई।

विशेष अभियान में बकायेदारों को चेतावनी

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/cold-wave-today-yellow-alert-for-fog-again-from-tomorrow-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-802437-2026-01-15?src=top-subnav

जिला पंचायत के अभियंता और अपर मुख्य अधिकारी के नेतृत्व में कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने कासना पहुंचकर स्थल पर विशेष अभियान चलाया। बकायेदारों को मौके पर ही किराया जमा कराने के निर्देश दिए गए और नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति से संबंधित मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बकायेदारों और बकाया राशि की जानकारी

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/

अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि तीन प्रमुख बकायेदारों पर बड़ी धनराशि लंबित पाई गई है:

  • अंकुर गर्ग, पुत्र अरुण गर्ग, निवासी चिरंजी कॉलोनी, एनटीपीसी रोड दादरी – ₹80,322
  • अरुण कुमार गर्ग, पुत्र चिरंजीलाल गर्ग, निवासी चिरंजी कॉलोनी, एनटीपीसी रोड दादरी – ₹93,525
  • राजकुमार, पुत्र कृपाल सिंह, निवासी ग्राम बिरोड़ी – ₹93,321

सार्वजनिक सूचना और आगामी कार्रवाई

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/trans-hindon-cyber-police-40-crore-recovered/

किराया वसूली के संबंध में समस्त बकायेदारों को डुगडुगी पिटवाकर सार्वजनिक सूचना भी दी गई, ताकि किसी प्रकार की अनभिज्ञता का बहाना न बनाया जा सके। जिला पंचायत प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में बकाया राशि जमा नहीं की गई तो आगे भी नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवंटन निरस्तीकरण और विधिक कार्यवाही शामिल है।

Share This Article
Leave a comment