गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार)। तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसानों ने तीखा विरोध प्रकट किया। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों के प्रतिकूल है और यदि इसे निरस्त नहीं किया गया तो देशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनः दिल्ली का घेराव किया जाएगा। पंचायत में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई और प्रशासन को चेतावनी दी गई कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
पंचायत का आयोजन और नेतृत्व
पंचायत की अध्यक्षता संतोष सिंह ने की तथा संचालन सब्बू चौधरी ने किया। मंडल अध्यक्ष जीते चौहान ने कहा कि अमेरिका के साथ किया जाने वाला व्यापार समझौता किसानों के साथ धोखे के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के समझौते से विदेशी कृषि उत्पादों का आयात बढ़ेगा, जिससे देश के छोटे और सीमांत किसानों की फसलों के दाम प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर देश की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि सरकार ने समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया तो गांव-गांव पंचायतें कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी और राजधानी का घेराव भी किया जा सकता है।
प्रमुख समस्याओं पर चर्चा
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पंचायत में आवारा पशुओं की समस्या प्रमुख मुद्दे के रूप में उभरी। मेरठ मंडल मुख्य महासचिव दिनेश त्यागी ने कहा कि क्षेत्र में आवारा पशुओं के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और प्रशासन इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 20 तारीख को गढ़मुक्तेश्वर विकास खंड मुख्यालय पर आवारा पशुओं को ले जाकर घेराव किया जाएगा, ताकि अधिकारियों को समस्या की गंभीरता का एहसास हो सके। महिपाल गुजराल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए और इसे कानूनी गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते जैसे निर्णय किसानों के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के समान हैं। यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दी गई तो किसान सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे।
मंडल प्रवक्ता नवदीप सिंह ने पंचायत में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी चिकित्सालयों में भी व्यापक अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह से ही शराब का सेवन शुरू हो जाता है और इसके प्रमाण होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो संबंधित विभागों का घेराव किया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह लोधी ने गन्ना किसानों की समस्या उठाते हुए कहा कि गन्ना भुगतान समय पर न होने से किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। भुगतान में देरी के कारण किसानों को ऋण और घरेलू खर्चों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल का भुगतान न होने पर विद्युत विभाग द्वारा किसानों के संयोजन काटे जा रहे हैं, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि गन्ना भुगतान शीघ्र कराया जाए तथा किसानों के विद्युत संयोजन न काटे जाएं।
किसानों का संकल्प और मांगें
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पंचायत में उपस्थित किसानों ने एक स्वर में कहा कि किसान उत्पीड़न किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी रूप दिया जाए और आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
इस अवसर पर सुनील चौहान, मनोज प्रधान, राजू ठाकुर, फैजल खान, वीरेंद्र लोधी, सुरेंद्र सिंह, नेपाल लोधी, राजबीरी देवी, यामीन खान, सुनील जाटव, रणवीर जाटव, देवेंद्र जाटव, धर्मवीर सिंह, धीरू चौहान, नवल खान सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे। पंचायत के अंत में सभी किसानों ने एकजुटता का संकल्प लेते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा प्रशासनिक स्तर पर व्यापक घेराव और प्रदर्शन किए जाएंगे।
