बिजनौर (शिखर समाचार) कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी प्रदीप टम्टा, उपायुक्त उद्योग अमित कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और उद्योग बंधु उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश होमस्टे नीति 2025 की जानकारी
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति 2025 को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इस नीति का उद्देश्य धार्मिक एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किफायती, सुरक्षित तथा घरेलू वातावरण में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
अब स्थानीय निवासी अपने घर के एक से छह कमरों, अधिकतम 12 बिस्तरों तक को होमस्टे के रूप में पंजीकृत करा सकते हैं। इसके लिए यह अनिवार्य होगा कि भवन स्वामी स्वयं उसी परिसर में निवास करता हो। इस व्यवस्था से आम नागरिकों को अतिरिक्त आय का अवसर प्राप्त होगा और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
पंजीकरण प्रक्रिया और श्रेणी निर्धारण
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि होमस्टे के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। संचालकों को केंद्रीय पोर्टल के बजाय उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के समर्पित पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। स्थानीय स्तर पर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सहज कर दी गई है।
होमस्टे इकाइयों को उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर ‘गोल्ड’ और ‘सिल्वर’ श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। पर्यटक एक बार में अधिकतम सात दिनों तक ठहर सकेंगे, जिसे आवश्यकता अनुसार नवीनीकृत कराया जा सकेगा। नीति के अंतर्गत पंजीकृत इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन एवं अनुदान देने का भी प्रावधान है, जिससे स्थानीय युवाओं और गृहस्वामियों के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
नई नीति के तहत पंजीकरण की समय सीमा
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जसजीत कौर ने यह भी बताया कि वर्तमान में संचालित होमस्टे इकाइयों को 9 जून 2026 तक नई नीति के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। समय सीमा के भीतर पंजीकरण न कराने पर वे नीति के लाभों से वंचित रह सकते हैं।
जिलाधिकारी ने पंचायत राज, विद्युत, उद्योग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में समन्वय और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने से न केवल जिले की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी व्यापक पहचान मिलेगी।
