मुरादनगर (शिखर समाचार)।
लाल बहादुर शास्त्री सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य संजीव राजपूत ने एफएम रेडियो बिजनौर के चर्चित कार्यक्रम एक मुलाकात हमारे साथ में शामिल होकर शिक्षा जगत में अपने अनुभवों, विचारों और नवाचारों को बेहद सहज, लेकिन प्रभावशाली अंदाज में साझा किया।
संस्कार और समग्र विकास का संदेश — शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण की प्रेरक यात्रा
कार्यक्रम का केंद्र बिंदु विद्या भारती में उनकी जीवन यात्रा रही, जिसके माध्यम से उन्होंने बताया कि संस्कार आधारित शिक्षा और समग्र विकास ही आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। संजीव राजपूत ने कहा कि एफएम के मंच पर मुरादनगर और विद्या भारती का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गौरवपूर्ण क्षण रहा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्हें कई प्रयोग करने और बाल हितैषी गतिविधियाँ लागू करने का अवसर मिला, जिसने बच्चों के व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक बदलाव लाए।
शिक्षा का असली उद्देश्य — अंकों से आगे बढ़कर संस्कार, सोच और आत्मविश्वास का निर्माण
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बातचीत के दौरान एंकर ने उनसे प्रेरणा के स्रोत, विद्यालय प्रबंधन की चुनौतियाँ, डिजिटल युग में बच्चों को मोबाइल की गिरफ्त से बाहर रखने के तरीके, शिक्षा में हो रहे नवाचार, परिवार विघटन से शिक्षा पर पड़ रहे प्रभाव और आगे की कार्ययोजनाओं जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। राजपूत ने माना कि शिक्षा का लक्ष्य केवल अंक बढ़ाना नहीं, बल्कि सोच, संस्कार, कौशल और आत्मविश्वास का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि परिवार और स्कूल मिलकर ही आने वाली पीढ़ी को दिशा दे सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में संजीव राजपूत ने एफएम रेडियो बिजनौर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मंच शिक्षकों और समाज के बीच संवाद को मजबूत बनाते हैं। यह विशेष परिचर्चा जल्द ही एफएम 89.6 के श्रोताओं तक प्रसारित की जाएगी।
