गाजियाबाद (शिखर समाचार)
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, सेंट्रल मार्केट गाजियाबाद में 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा ने की। कार्यक्रम में विधि प्रकोष्ठ के सदस्यों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और संगठन के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर संविधान के महत्व और उसके मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की।
संविधान की भावना: न्याय, स्वतंत्रता और समानता का संदेश
इस अवसर पर लेबर डिपार्टमेंट के पूर्व कमिश्नर केएन अग्रवाल, गाजियाबाद विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष मनोज कुमार राय, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अनुशासन समिति के सदस्य, तथा जिले के अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने संविधान की प्रस्तावना में निहित आदर्शों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को समाज तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की सुरक्षा का आधार है, जिसका संरक्षण और पालन प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भारत का संविधान देश को संपूर्ण प्रभुसत्तासंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में परिभाषित करता है। इसमें हर नागरिक को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय देने, विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करने तथा व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की अखंडता को सुनिश्चित करने का संकल्प निहित है।
न्याय तक आसान पहुँच: अधिवक्ताओं की निशुल्क कानूनी पहल
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अधिवक्ता समाज की भूमिका पर चर्चा करते हुए विधि प्रकोष्ठ के सदस्यों ने कहा कि न्यायपालिका संविधान की अंतिम संरक्षक है, परंतु न्याय तक पहुँच आसान बनाना अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे गरीब मजदूर या आमजन जिनके पास कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए आर्थिक साधन नहीं हैं, उनकी पूरी कानूनी सहायता विधि प्रकोष्ठ द्वारा निशुल्क की जाएगी। कोई मजदूर जिसका वेतन रोका गया हो, प्रताड़ित किया गया हो, दुर्घटना का शिकार हुआ हो या किसी कंपनी में उसे न्याय न मिल रहा हो उनकी कानूनी प्रक्रिया को विधि प्रकोष्ठ बिना किसी शुल्क के आगे बढ़ाएगा।
कार्यक्रम में बोलते हुए जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का विधि प्रकोष्ठ जनता और संविधान के बीच सेतु का कार्य करता है। हमारा दायित्व है कि हम न्याय को सरल और सुलभ बनाते हुए कानूनी जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाएँ। उन्होंने बताया कि संविधान का सफल क्रियान्वयन केवल सरकार या न्यायपालिका की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, मीडिया और अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। संविधान दिवस समारोह में उपस्थित प्रमुख लोगों में सतीश शर्मा, मनोज कुमार राय, महिला जिला अध्यक्ष डोली त्यागी, ए के त्रिपाठी (अधिवक्ता, सीबीआई), केएन अग्रवाल, रस्तोगी, अंकित रस्तोगी, संदीप यादव, पूर्व पार्षद सुनील चौधरी, मीडिया प्रभारी आशुतोष गुप्ता, सुशील शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, उमेश कुमार, सलीम सैफी, गोयल, इस्लाम सहित अनेक अधिवक्ता एवं कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
