एनएसएस विशेष शिविर में आत्मनिर्भर भारत और जल संरक्षण का संदेश

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
The NSS special camp conveyed the message of a self-reliant India and water conservation. IMAGE CREDIT TO महाविद्यालय

खतौली/मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)

स्थानीय विद्योत्तमा कन्या महाविद्यालय गंगधाडी की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत जागरूकता रैली के साथ हुई। रैली का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंधक संजीव कुमार शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

आत्मनिर्भर भारत के संदेश के साथ रैली

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/cold-wave-today-yellow-alert-for-fog-again-from-tomorrow-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-802437-2026-01-15?src=top-subnav

रैली के दौरान स्वयंसेविकाओं ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति यदि किसी न किसी कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त कर ले, तो वह न केवल स्वयं के लिए बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।

राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कविता वर्मा ने स्वयंसेविकाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही सशक्त समाज की पहचान है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जन धन योजना, स्टार्टअप इंडिया योजना, स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका लाभ उठाकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकते हैं।

जल संरक्षण पर विशेष ध्यान

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/

कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण पर भी विशेष बल दिया गया। स्वयंसेविकाओं ने ग्रामीण महिलाओं को जल की महत्ता समझाते हुए कहा कि यदि हम सब मिलकर प्रतिदिन केवल एक-एक बूंद पानी भी बचाएं तो बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने वर्षा जल संचयन और जल बचत के विभिन्न उपायों की जानकारी दी और “जल है तो कल है” का संदेश दिया।

राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी सुलक्षणा आर्य ने उपस्थित ग्रामीणों और स्वयंसेविकाओं को छत पर वर्षा जल संचयन प्रणाली, गड्ढे बनाकर वर्षा जल संरक्षण तथा अन्य तकनीकी उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्षा जल को संरक्षित कर भूजल स्तर बढ़ाया जा सकता है, जिससे भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। इस अवसर पर अनीता देवी और साधना सोम भी उपस्थित रहीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। शिविर के तीसरे दिन का कार्यक्रम उत्साह और जागरूकता से परिपूर्ण रहा, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने सामाजिक दायित्वों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

Share This Article
Leave a comment