आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)|
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में अभियंत्रण अनुभाग के कार्यों को लेकर बड़ा प्रशासनिक सख़्त संदेश सामने आया है। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने अभियंत्रण अनुभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की गहन पड़ताल की। बैठक में साफ कर दिया गया कि अब विकास कार्यों में लापरवाही, देरी और अपारदर्शिता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपाध्यक्ष ने अभियंत्रण प्रणाली में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर, फाइलों की लंबी प्रतीक्षा खत्म करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान उपाध्यक्ष ने अभियंत्रण प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और पूरी तरह समयबद्ध बनाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नए कार्य शुरू करने से पहले एस्टिमेट तैयार करने की प्रक्रिया को तेज़ और सरल बनाने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए, ताकि फाइलें महीनों तक अटकी न रहें। साथ ही, हर कार्य की प्रगति पर नज़र रखने के लिए एक समर्पित वर्क मॉनिटरिंग पोर्टल तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सख़्त रुख अपनाया गया। टेंडर से जुड़ी पूरी कार्यवाही को ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवर अभियंता स्तर से ही एस्टिमेट समय पर प्रस्तुत किया जाए। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे कार्य से हटाया जाएगा।
विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं, उपाध्यक्ष ने समयसीमा पालन और जुर्माने के कड़े निर्देश दिए
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उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि हर विकास कार्य के लिए शुरुआत में ही स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए और उसका कड़ाई से पालन कराया जाए। कार्य में देरी होने पर संबंधित ठेकेदार एजेंसी पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा और किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
बैठक में पर्यावरण को लेकर भी विशेष चेतावनी दी गई। निर्माण कार्यों के दौरान ग्रेप (GRAP) नियमों का सख़्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन न हो और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे। अंत में उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का संदेश देते हुए कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सीधे तौर पर आमजन की सुविधाओं से जुड़ी है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि योजनाएं सिर्फ कागज़ों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर तय समय में और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरी हों।
