जेवर (शिखर समाचार)। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात स्लीपर बस में लगी भीषण आग में जिंदा जले नौ यात्रियों की पुलिस ने शिनाख्त कर ली है। हादसे के बाद शवों की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, क्योंकि आग इतनी भयानक थी कि कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। पुलिस ने यात्रियों की सूची, ऑनलाइन टिकट और परिजनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। मृतकों के डीएनए नमूने भी लिए गए थे।
नौ मृतकों की हुई पहचान, परिजनों को सौंपे गए शव
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान ओम प्रकाश निवासी इकोटेक, ग्रेटर नोएडा, शशांक गुप्ता और उनकी मां सुनीता गुप्ता निवासी महोबा, श्रुति रावत निवासी मध्य प्रदेश, उषा देवी निवासी हमीरपुर, हरीशरण गुप्ता निवासी उरई, देवेंद्र भारद्वाज निवासी हिसार, सरोज गुप्ता और मयंक गुप्ता निवासी हमीरपुर के रूप में हुई है। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि परिजनों द्वारा पहचान की पुष्टि किए जाने के बाद शव उन्हें सौंप दिए गए।
बस में ले जाए जा रहे थे विद्युत तार और अन्य सामान
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जांच में सामने आया कि बस से विद्युत तारों के बंडल, कपड़े और अन्य सामान दिल्ली से खरीदकर ले जाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक बस में इस प्रकार सामान की ढुलाई नियमों के विपरीत की जा रही थी। ज्वलनशील सामान और यात्रियों के सामान ने आग को तेजी से फैलाने में भूमिका निभाई। आग के दौरान बस की ईंधन टंकी में तेज धमाका होने से स्थिति और गंभीर हो गई।
सोशल मीडिया पर बस में गैस सिलेंडर और पटाखे रखे होने की चर्चाएं भी सामने आईं, लेकिन पुलिस ने ऐसी किसी सामग्री के मिलने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि जांच में बस से गैस सिलेंडर या पटाखे बरामद नहीं हुए हैं।
चालक-परिचालक बस छोड़कर हुए फरार, तीन गिरफ्तार
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बताया गया कि बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से करीब 35 यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी। जेवर के पास यात्रियों ने जलने की गंध आने की जानकारी दी थी। आग लगने के बाद चालक और परिचालक बस रोककर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चालक, परिचालक और बस प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है।
