हापुड़ (शिखर समाचार) नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रूप में नगर में बड़ी धूमधाम से मनाई गई। जैन कन्या इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न स्कूलों और महाविद्यालयों के छात्र छात्राओं ने भाग लिया और स्वतंत्रता सेनानी की वीरता व देशभक्ति को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने नेताजी के योगदान और उनकी आजादी के संघर्ष की कहानियों को साझा किया। समाजसेवी नरेंद्र अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि सुभाष चंद्र बोस केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि प्रेरणा का प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि तुम मुझे रक्त दो, मैं तुम्हें स्वतंत्रता दूंगा जैसे नारे आज भी देशभक्ति की लौ जलाए रखते हैं।
नेताजी का साहस और पराक्रम: स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरणा का स्तंभ
अशुतोष आजाद ने कार्यक्रम में कहा कि नेताजी के साहस और पराक्रम ने स्वतंत्रता की राह को आसान बनाया। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संगठित संघर्ष किया और देशवासियों में आजादी की आशा जगाई।
साहित्यकार डॉ. अशोक मैत्रेय ने कहा कि नेताजी ने विदेशी धरती पर भी स्वतंत्रता की लड़ाई का नेतृत्व किया। उन्होंने आजाद हिंद फौज की स्थापना कर विदेशी भूमि से स्वतंत्र भारत के लिए संदेश दिया और सिंगापुर से आजाद हिंद सरकार के अध्यक्ष के रूप में पूरी दुनिया को संबोधित किया।
पराक्रम दिवस पर नेताजी को श्रद्धांजलि: युवाओं में देशभक्ति का जोश दिखाई दिया
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समाजसेवी ललित कुमार अग्रवाल ने कहा कि देश की प्रगति और युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए नेताजी के आदर्शों का अनुसरण करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में छात्र छात्राओं ने योगाभ्यास, देशभक्ति गीत और मीनार जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनकी उपस्थित जनसमूह ने सराहना की। छात्राओं के द्वारा दिखाया गया सामूहिक योग प्रदर्शन विशेष रूप से प्रभावशाली रहा, जिसने सभी में जोश और प्रेरणा का संचार किया।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को नेताजी की याद में सम्मानित भी किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवा पीढ़ी में देशभक्ति और नेतृत्व कौशल का विकास करना है।
