नई दिल्ली (शिखर समाचार)
विशाखापट्टनम में आयोजित 28वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने बड़ा मुकाम हासिल किया। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में एनसीआरटीसी को साइबर सिक्योरिटी में सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस प्रैक्टिसेज/इनोवेशन श्रेणी में स्वर्ण पुरस्कार से नवाजा गया।
एनसीआरटीसी की डिजिटल सुरक्षा में नई सफलता: केंद्रीय मंत्री ने पुरस्कार और 10 लाख रुपये की धनराशि दी
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह पुरस्कार और 10 लाख रुपये की धनराशि एनसीआरटीसी को भेंट की। इस उपलब्धि के साथ एनसीआरटीसी ने सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को एक नए स्तर पर साबित किया है।
नमो भारत परियोजना के तहत साइबर सुरक्षा को शुरुआती चरण से ही मजबूत ढांचे में ढाला गया। इंटरनेट आधारित सेवाओं जैसे टिकट बुकिंग और मोबाइल ऐप के साथ-साथ ट्रेन संचालन से जुड़ी तकनीकों जैसे ईटीसीएस हाइब्रिड लेवल-3 सिग्नलिंग, स्काडा, रोलिंग स्टॉक कंट्रोल और एलटीई नेटवर्क को सुरक्षित बनाए रखने के लिए एनसीआरटीसी ने कई बहुस्तरीय कदम उठाए। इनमें आईटी और ऑपरेशनल नेटवर्क का पृथक्करण, सख्त एक्सेस कंट्रोल, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और यूनिडायरेक्शनल गेटवे जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं।
एनसीआरटीसी की तकनीकी क्रांति: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर में सिग्नलिंग और ट्रैक सिस्टम में नवाचार
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यात्रियों को केंद्र में रखकर, एनसीआरटीसी ने दिल्ली गाजियाबाद मेरठ कॉरिडोर में दुनिया की पहली ईटीसीएस हाइब्रिड लेवल-3 सिग्नलिंग प्रणाली और बलास्टलेस प्रीकास्ट स्लैब ट्रैक तकनीक लागू की है। इन तकनीकों ने न केवल यात्रा को तेज और सहज बनाया है, बल्कि सिस्टम की विश्वसनीयता और साइबर सुरक्षा को भी नए मानक दिए हैं।
यह सम्मान दर्शाता है कि एनसीआरटीसी ने क्षेत्रीय गतिशीलता को भविष्य के अनुरूप सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक मिसाल कायम की है।
