सुभाष यादव
ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) । सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 30 जनवरी 2026 को होटल रेडिसन ब्लू में एक भव्य एकीकृत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला में उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, डिजिटल समाधानों और निर्यात के नए अवसरों से अवगत कराया गया।
डिजिटल क्रांति: ‘UP MSME One Connect’ पोर्टल लॉन्च
यूपीएसआईसी (UPSIC) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राज कमल यादव (IAS) ने कार्यशाला में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए नए डिजिटल प्लेटफॉर्म www.msme1connect.up.gov.in के बारे में विस्तार से बताया।
•इस पर इंसेंटिव कैलकुलेटर और विशेषज्ञ परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
•उद्यमी अब औद्योगिक भूखंडों की रियल-टाइम उपलब्धता भी पोर्टल पर देख सकेंगे।
•फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स के माध्यम से ‘प्लग-एंड-प्ले’ सुविधाओं पर जोर दिया गया ताकि संचालन लागत कम हो सके।
अर्थव्यवस्था के इंजन हैं MSME: आलोक कुमार (IAS)
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मुख्य अतिथि और अपर मुख्य सचिव (MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन) आलोक कुमार (IAS) ने अपने संबोधन में MSME को राज्य और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का प्रमुख विकास इंजन बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कारीगरों की कला अद्वितीय है; यदि हम उत्पादन के पैमाने और वैल्यू चेन पर ध्यान दें, तो हमारे उत्पाद वैश्विक बाजार में अग्रणी होंगे। उन्होंने इस बात पर भी संतोष व्यक्त किया कि सरकार की बेहतर नीतियों के कारण MSME श्रमिकों का दूसरे राज्यों में पलायन काफी कम हुआ है।
पूंजी बाजार और निर्यात पर विशेष सत्र
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कार्यशाला के दौरान उद्यमियों को धन जुटाने के आधुनिक तरीकों के बारे में भी बताया गया:
NSE के विशेषज्ञों (कृष्णन अय्यर, पार्वती मूर्ति और निधि महेश्वरी) ने IPO के माध्यम से पूंजी जुटाने और लिस्टिंग के फायदों पर तकनीकी जानकारी साझा की।
ZED (Zero Defect Zero Effect) योजना पर विशेष सत्र आयोजित किया गया ताकि उत्पादों की गुणवत्ता वैश्विक मानकों के अनुरूप हो।
DGFT के उप महानिदेशक हेमंत कुमार ने निर्यात प्रक्रियाओं और ECGC के आदित्य कुशिक मोहन ने निर्यातकों के लिए भुगतान सुरक्षा और बीमा कवर पर प्रस्तुति दी।
संबोधन का सार: कार्यशाला के अंत में उद्यमियों से नवाचार अपनाने और डिजिटल संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जहाँ राज कमल यादव ने उद्यमियों की समस्याओं का समाधान किया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती, IIA, और इंडियन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन जैसे संगठनों के प्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।

