गाजियाबाद (शिखर समाचार)। नगर निगम मुख्यालय पर शनिवार को हुई सदन बैठक में एक बार फिर हाउस टैक्स का मुद्दा उठा। हाउस टैक्स के इस फैसले पर पार्षदों ने नाराजगी व्यक्त की। मुख्यालय पर महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुई सदन बैठक में हाउस टैक्स के मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई।
हाउस टैक्स में छूट का निर्णय
चर्चा में उच्च न्यायालय द्वारा लिए गए हाउस टैक्स वृद्धि के निर्णय को ध्यान में रखते हुए करदाताओं को 77% से 92% की छूट देने का निर्णय लिया गया।
- 10 साल से पुराने आवासीय भवन पर 25% की छूट
- 10 साल से 20 साल पुराने भवन पर 32.5% की छूट
- 20 वर्ष से अधिक पुराने भवन पर 40% की छूट
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि ऑनलाइन भुगतान करने वाले करदाताओं को 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट तथा कचरा पृथक्करण करने वाले घरों को 10% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। यह नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। समय पर मिलने वाली 20% की छूट को आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकेगा।
हाउस टैक्स दरों पर शासन को प्रस्ताव
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बैठक में उपस्थित पार्षदों और निगम अधिकारियों द्वारा हाउस टैक्स की दरों को शासन के लिए रेफर करने का निर्णय लिया गया। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने हाउस टैक्स दर पर पुनः विचार करने के लिए शासन में सदन का प्रस्ताव भेजने तथा वार्ता करने का निर्णय लिया।
महापौर निगम अधिकारियों के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ लखनऊ भी चर्चा के लिए जाएंगी।
