ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में कनेक्टिविटी, रजिस्ट्री और रोजगार पर बड़े फैसले

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
Major decisions on connectivity, registry, and employment in the 141st board meeting of the Greater Noida Authority IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक शनिवार को कई अहम निर्णयों के कारण बेहद महत्वपूर्ण रही। बैठक में शहर की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली दो बड़ी परियोजनाओं मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के अलाइनमेंट को मंजूरी मिली, वहीं फ्लैटों की रजिस्ट्री रोकने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया। साथ ही युवाओं को तकनीकी कौशल देने वाले निर्माणाधीन टूल रूम के पूर्ण होने की समय-सीमा बढ़ाने पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी।

बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय: प्राधिकरण के तीन प्रमुख प्रस्ताव मंजूर

ALSO READ:https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/ghaziabad/news/union-textiles-minister-giriraj-singh-dedicated-the-countrys-first-manikin-flame-testing-equipment-136485575.html

बैठक की अध्यक्षता दीपक कुमार ने की और अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। सीईओ एनजी रवि कुमार ने तीनों प्रमुख प्रस्तावों को बोर्ड के सामने रखा, जिन पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

सबसे बड़ी स्वीकृति उन दो परियोजनाओं को मिली, जिनसे ग्रेटर नोएडा आने वाले वर्षों में परिवहन व्यवस्था का बड़ा रूपांतरण देखेगा। ट्रांसपोर्ट हब को ग्रेटर नोएडा डिपो से 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड मेट्रो लाइन के जरिए जोड़ने का रास्ता साफ कर दिया गया है। यह लाइन 105 मीटर रोड कॉरिडोर पर बनाई जाएगी। इसी प्रकार बोड़ाकी के पास विकसित हो रहे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की नई दादरी लाइन से जोड़ने के लिए रेलवे लाइन का अलाइनमेंट भी मंजूर किया गया, जो औद्योगिक माल ढुलाई को तेज और सुचारु करेगा।

WhatsApp Image 2025 11 22 at 7.10.13 PM

बैठक में दूसरा बड़ा फैसला उन बिल्डरों पर शिकंजा कसने से जुड़ा रहा, जिन्होंने खरीदारों के नाम अब तक न तो रजिस्ट्री शुरू की और न ही प्राधिकरण का बकाया चुकाया। बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबे समय से मिली ढील का कोई फायदा नहीं उठाया जा रहा है, इसलिए ऐसे बिल्डरों से अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत मिली रियायतें वापस ली जाएँगी। एवीजे डेवलपर्स, एमएसएक्स रियलटेक, ज्योतिर्मय इंफ्राकॉन, अंतरिक्ष इंजीनियरिंग और एलिगेंट इंफ्राकॉन जैसे डेवलपर्स इस सूची में शामिल हैं। बोर्ड ने कहा कि कार्रवाई सख्त होगी, लेकिन खरीदारों के हित सबसे पहले रखे जाएँगे।

युवाओं के लिए बड़ी राहत वाले निर्णय में निर्माणाधीन टूल रूम को पूरा करने के लिए समय विस्तार स्वीकृत किया गया। सेक्टर ईकोटेक-8 में 15 एकड़ भूमि पर बन रहा यह सेंटर 8 से 10 हजार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को कुशल जनशक्ति और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक के बाद ग्रेटर नोएडा एम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनू भड़ाना और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र कसाना ने आईडीसी व अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार से कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा भी की। 141वीं बोर्ड बैठक के फैसलों ने संकेत दिया है कि ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक साथ कनेक्टिविटी, आवासीय पारदर्शिता और युवाओं के लिए कौशल विकास तीनों मोर्चों पर व्यापक बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

Share This Article
Leave a comment