हापुड़ (शिखर समाचार) जनपद के परिषदीय विद्यालयों की खराब होती भवन स्थिति को सुधारने के लिए ठोस पहल की गई है। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने जिले के 12 जर्जर प्राथमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण कार्य हेतु क्षेत्रीय अवस्थापना निधि से 2.08 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। स्वीकृत धनराशि को प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण कर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में कार्य निष्पादन करने वाली संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को विधिवत रूप से सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कई विद्यालय भवन लंबे समय से जर्जर हालत में थे। कहीं दीवारें कमजोर हो चुकी थीं तो कहीं छत और कक्ष क्षतिग्रस्त अवस्था में थे। इन परिस्थितियों के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी। पूर्व में भी कई स्थानों पर दुर्घटना जैसे हालात बन चुके थे, लेकिन समय रहते टल गए। इन्हीं हालात को देखते हुए विद्यालय भवन सुधार को प्राथमिकता में रखा गया।
सरकारी स्कूलों की नई तस्वीर: जनसहयोग और सरकारी पहल से शिक्षा को मजबूत आधार
जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने जनपद में सरकारी विद्यालयों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण को लेकर विशेष अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के अंतर्गत जनसहयोग और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से भी कई विद्यालयों में सुधार कार्य कराए जा चुके हैं। अब प्राधिकरण से मिली धनराशि से चयनित 12 विद्यालयों में व्यापक स्तर पर निर्माण, मरम्मत और संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाएगा।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नितिन गौड़ ने बताया कि 12 प्राथमिक विद्यालयों के भवन सुधार और पुनर्निर्माण के लिए 208.17 लाख रुपये का प्रावधान क्षेत्रीय अवस्थापना निधि से किया गया है। यह धनराशि जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह की उपस्थिति में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को हस्तांतरित की गई, ताकि कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जा सके।
सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों जैसा सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की ठोस पहल
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/
जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने कहा कि जिन विद्यालयों का चयन किया गया है, वहां लंबे समय से मरम्मत और नए निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस योजना के अंतर्गत जर्जर भवनों को सुरक्षित, मजबूत और सुविधायुक्त बनाया जाएगा। कक्षों की दशा सुधारी जाएगी, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी और विद्यार्थियों के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण तैयार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और समय समय पर स्थलीय निरीक्षण भी कराया जाएगा। उद्देश्य यह है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को निजी विद्यालयों के समान सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे जनपद की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
