यमुना प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई : हेरिटेज सिटी व राया अर्बन सेंटर क्षेत्र में 25 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण से मुक्त, अवैध होटल ढाबे और कॉलोनियां ध्वस्त

Rashtriya Shikhar
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Major action by Yamuna Authority: 25 hectares of land cleared of encroachment in Heritage City and Raya Urban Center areas; illegal hotels, dhabas, and colonies demolished. IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण की टीम ने 4 फरवरी 2026 को बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए हेरिटेज सिटी और राया शहरी केंद्र क्षेत्र में फैले अवैध निर्माणों को हटाया। इस अभियान के दौरान लगभग 25 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब एक हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यमुना किनारे अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर, होटल-ढाबे और निर्माण ढांचे ध्वस्त

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प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार यह भूमि ग्राम पिपरौली खादर, अरूवा खादर और पानी गांव खादर क्षेत्र में स्थित है, जहां लंबे समय से अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के दौरान निर्माणाधीन अवैध होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक ढांचे गिराए गए। यमुना नदी के किनारे करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर भी बुलडोजर चलाया गया और वहां किए गए प्लॉटिंग व निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया गया।

हेरिटेज सिटी के कोर क्षेत्र में अरूवा खादर और पिपरौली खादर गांव की जमीन पर दो बड़ी अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही थीं। प्राधिकरण ने इन्हें नियमों के विरुद्ध मानते हुए मौके पर ही तोड़फोड़ की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृति नक्शा और बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हेरिटेज सिटी की परियोजना बचाने सख्त कार्रवाई, अवैध व्यावसायिक ढांचे हटाए गए

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हेरिटेज सिटी को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजना माना जा रहा है। इस क्षेत्र को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की तैयारी है, लेकिन इसके बीच अवैध रूप से होटल, भोजनालय और अन्य व्यावसायिक ढांचे खड़े किए जा रहे थे, जिससे परियोजना की रूपरेखा प्रभावित हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाया।

पूरा अभियान विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। उनके साथ डिप्टी कलेक्टर शिव अवतार सिंह, अभिषेक शाही और कृष्ण गोपाल त्रिपाठी भी मौजूद रहे और मौके पर रहकर कार्रवाई की निगरानी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले से चिन्हित स्थलों पर एक साथ कार्रवाई कर अवैध निर्माणों को हटवाया।

जिला प्रशासन की सख्त सुरक्षा व्यवस्था में शांतिपूर्ण कार्रवाई सम्पन्न

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जिला प्रशासन की ओर से भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उपजिलाधिकारी मांट रितु सिरोही और क्षेत्राधिकारी पी. सिंह के नेतृत्व में 11 थानों की पुलिस, बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र बल की टुकड़ियां तैनात रहीं। सुरक्षा घेरे के बीच पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराई गई। किसी प्रकार के विरोध या अवरोध की स्थिति न बने, इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी।

अभियान सुबह से शुरू होकर शाम लगभग छह बजे तक लगातार चलता रहा। इस दौरान कई स्थानों पर जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से अवैध ढांचों को हटाया गया। प्राधिकरण की टीम ने जमीन की सीमांकन रेखाएं भी स्पष्ट कराईं ताकि दोबारा कब्जा न हो सके।
प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ इसी प्रकार कठोर अभियान जारी रहेगा। बिना अनुमति कॉलोनी बसाने, भूखंड काटने या व्यावसायिक निर्माण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी भूमि या परियोजना क्षेत्र में निवेश से पहले प्राधिकरण से वैधता की जांच अवश्य करा लें, ताकि बाद में नुकसान से बचा जा सके।

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