यमुना सिटी में क्यूपी कॉर्पोरेशन का 200 करोड़ रुपये निवेश प्रस्ताव, 10 एकड़ में फूड प्रोसेसिंग संयंत्र लगाने की तैयारी

Rashtriya Shikhar
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KP Corporation proposes ₹200 crore investment in Yamuna City, preparing to set up a food processing plant on 10 acres. IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
यमुना सिटी फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में बड़े निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। जापान की अग्रणी खाद्य प्रसंस्करण कंपनी क्यूपी कॉर्पोरेशन ने यमुना सिटी क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की गई, जिसमें औद्योगिक इकाई स्थापना, भूमि आवश्यकता और आधारभूत सुविधाओं पर चर्चा हुई।

बैठक और निवेश योजना

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बैठक की अध्यक्षता यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह ने की, जबकि अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी एस.के. भाटिया भी मौजूद रहे। कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधि ने औद्योगिक पार्कों की संरचना, परिवहन संपर्क, आपूर्ति तंत्र और उत्पादन संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। प्रस्ताव के अनुसार कंपनी को यीडा के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 8 से 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।

कंपनी का परिचय और वैश्विक विस्तार

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क्यूपी कॉर्पोरेशन की स्थापना वर्ष 1919 में हुई थी और यह जापान की प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी अंडे की जर्दी से बने मेयोनीज़ और उमामी स्वाद वाले उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी जाती है। जापान में इसकी बाजार हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है और इसका कारोबार 79 से अधिक देशों में फैला है। कंपनी स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पाद, फलों के जैम, सॉस और फलों पर आधारित खाद्य समाधान के क्षेत्र में भी काम कर रही है। वर्ष 2026 तक स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की रणनीति के तहत एशिया-प्रशांत के तेजी से बढ़ते बाजारों में विनिर्माण इकाइयों के विस्तार की योजना है।

प्रस्ताव और संभावित लाभ

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प्रस्तावित भारतीय संयंत्र स्थापित होने पर कंपनी को घरेलू बाजार में सीधी और मजबूत औद्योगिक उपस्थिति मिलेगी। बैठक में यीडा क्षेत्र की आधारभूत संरचना और औद्योगिक वातावरण की सराहना की गई। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक पार्क क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी किया और संभावित स्थानों का मूल्यांकन किया। यह निवेश क्षेत्र में नए रोजगार अवसर पैदा करने और मेक इन इंडिया अभियान को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।

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