शामली (शिखर समाचार)। प्रदेश में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर मामला जोरदार तरीके से विधान परिषद में उठाया गया। विधान परिषद सदस्य किरणपाल कश्यप ने सदन में किसानों की समस्या को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर न होने से किसानों में भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त है।
भुगतान में देरी से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित
कश्यप ने बताया कि प्रदेश की कई चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य का भुगतान लंबे समय से लंबित है। कई स्थानों पर डेढ़ से दो वर्ष तक का भुगतान बकाया बताया जा रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है और खेती का चक्र भी प्रभावित हो रहा है। समय पर धनराशि न मिलने से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहा है।
किसानों की जिम्मेदारी और मिल प्रबंधन की जवाबदेही
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विधान परिषद में उन्होंने कहा कि किसान फसल तैयार करके भरोसे के साथ गन्ना मिलों को आपूर्ति करता है, लेकिन भुगतान समय पर न मिलने से परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और अगली फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है। कश्यप ने मिलों और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग
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कश्यप ने सरकार से मांग की कि जिन चीनी मिलों पर किसानों का बकाया चल रहा है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और भुगतान के लिए सख्त समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने चेताया कि यदि समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो किसानों का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा, जो कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए नुकसानदायक होगा।
