ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार को तुगलपुर के डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे कालोनाइजरों पर सख्त कार्रवाई करते हुए बुल्डोजर चला दिया। इस कार्रवाई में करीब 40,000 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या कब्जे को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तुगलपुर में चला प्राधिकरण का बुलडोज़र एक्शन: डूब क्षेत्र में बस रही अवैध कॉलोनी हुई ज़मींदोज़
जानकारी के अनुसार तुगलपुर के डूब क्षेत्र की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से प्लॉट काटकर कॉलोनी बसाने की तैयारी शुरू कर दी थी। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना और भूलेख विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में सुबह नौ बजे से अभियान चलाया, जो दो घंटे तक लगातार चला। इस दौरान सात जेसीबी और तीन डंपरों की मदद से अवैध निर्माण को जमींदोज़ कर दिया गया।
एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या नक्शा पास कराए किए जा रहे निर्माण पर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि किसी भी अवैध कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई न लगाएं और किसी भी जमीन की खरीद से पहले प्राधिकरण से उसकी स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
एनजीटी के आदेशों की खुली अवहेलना: चेतावनी के बाद भी डूब क्षेत्र में चल रहा था अवैध प्लॉटिंग का खेल
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ओएसडी भूलेख रामनयन सिंह ने बताया कि तुगलपुर क्षेत्र के खसरा नंबर 703 सहित कई हिस्सों में कुछ कालोनाइजरों ने प्लॉट काटकर बेचने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि एनजीटी के स्पष्ट निर्देश हैं कि डूब क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। प्राधिकरण की ओर से पहले ही इन कालोनाइजरों को नोटिस जारी कर निर्माण रोकने के लिए कहा गया था, लेकिन उसके बाद भी निर्माण जारी रहा।
गुरुवार को ओएसडी रामनयन सिंह और महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह के नेतृत्व में वर्क सर्किल 4 के प्रभारी राजेश कुमार निम, वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह व नरोत्तम सिंह सहित प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस बल के सहयोग से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
अब नहीं बख्शे जाएंगे अवैध कब्जे: डूब क्षेत्र में लगातार चलेगा प्राधिकरण का सख्त अभियान
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अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक चेतावनी नहीं है बल्कि आगे भी ऐसे सभी अवैध कब्जों और कॉलोनियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। ओएसडी ने दोहराया कि डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कराना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस अभियान के जरिए एक बार फिर साफ कर दिया है कि शहर की सुनियोजित और कानूनी विकास योजना में किसी भी अवैध हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण अब पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और अवैध कॉलोनियों पर नियमित कार्रवाई जारी रखने की तैयारी में है।

