नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार)
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जुड़े प्रस्तावित विधेयक के विरोध में मंगलवार को नगीना में सवर्ण समाज का व्यापक आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों के आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
गांधी प्रतिमा से एसडीएम कोर्ट तक गूंजे नारे, विभिन्न संगठनों का एकजुट प्रदर्शन
जिला क्षत्रिय राजपूत सभा बिजनौर, सर्व ब्राह्मण महासभा (संपूर्ण भारत पंजीकृत), पंजाबी महावीर मंदिर, अग्रवाल सभा नगीना, वैश्य अग्रवाल लोहिया सभा नगीना तथा अधिवक्ता संघ नगीना से जुड़े पदाधिकारी और सदस्य गांधी प्रतिमा, झंडा चौक पर एकत्र हुए। वहां से सभी प्रदर्शनकारी संगठित रूप से नारे लगाते हुए उपजिलाधिकारी न्यायालय परिसर पहुंचे।
प्रदर्शन का नेतृत्व तिलक सिंह चौहान, संदीप शर्मा, शीतल अग्रवाल, अशोक त्यागी, राजकुमार सेठी, राजकुमार बिश्नोई, विशाल गुप्ता, तिलकराज सिंह चौहान और रामअवतार बिश्नोई ने किया। उपजिलाधिकारी विजय शंकर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा हाल ही में लिया गया निर्णय देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक है और इससे शैक्षणिक संतुलन बिगड़ने का खतरा है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए।
विधेयक वापसी तक आंदोलन का ऐलान, चुनावी नतीजों तक चेतावनी
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सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज अब इस विषय पर चुप नहीं बैठेगा। जब तक यह विधेयक केंद्र सरकार द्वारा वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वक्ताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आने वाले चुनावों में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में भूपेश कुमार, तिलकराज पंजाबी, अरुण कुमार, तेजवीर, अश्विनी कुमार अधिवक्ता, रमेश चंद, कपिल कुमार, शरद अग्रवाल, राजीव चौहान, कुलदीप सैनी, तिलक चौहान, सचिन शर्मा, मोनू सिंह, नीरज बिश्नोई, अनूप सिंह अधिवक्ता, दीपक सोती, कपिल शर्मा, पवन कालरा, आलोक अग्रवाल, मोहित शर्मा, हर्ष गोयल, डाॅ. संदीप शर्मा, विशाल गुप्ता, शीतल अग्रवाल, राजकुमार सेठी, अशोक कुमार त्यागी, राजकुमार बिश्नोई, डाॅ. भूपेश सहित क्षत्रिय राजपूत सभा के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
