प्रयागराज (शिखर समाचार)। आपराधिक विविध जमानत प्रार्थना पत्र संख्या 225 वर्ष 2026 की सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों के आधार पर उच्च न्यायालय ने मेंशन प्रक्रिया में सामने आई अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। न्यायालय ने आवेदक मंदीप सिंह के पिता परमजीत सिंह को व्यक्तिगत रूप से तलब करते हुए अगली निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने का आदेश दिया है तथा पुलिस अधीक्षक जौनपुर को उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ में हुई।
मेंशन प्रक्रिया में अनियमितता पर संज्ञान
सुनवाई के समय आवेदक पक्ष के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि उन्होंने इस वाद को समानता श्रेणी में प्रस्तुत नहीं कराया, क्योंकि यह मामला उस श्रेणी में नहीं आता।
न्यायालय के समक्ष रखे गए विवरण के अनुसार मेंशन पर्ची देवकांत त्रिगुणायत के नाम से भेजी गई दर्शाई गई, जबकि संदेश अमन चौरसिया के व्हाट्सऐप माध्यम से प्रेषित हुआ था। इस बिंदु को प्रमुखता से उठाते हुए विपक्षी अधिवक्ता अपूर्व हजेला ने तथ्य स्पष्ट किए, जिस पर न्यायालय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अमन चौरसिया को न्यायालय में बुलाया।
परमजीत सिंह को तलब, वाद पुनः सूचीबद्ध
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न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अमन चौरसिया ने बताया कि आवेदक के पिता परमजीत सिंह उनके परिचित हैं और उनके कहने पर उन्होंने वाद का उल्लेख कराया, क्योंकि उन्हें बताया गया था कि अधिवक्ता व्यस्तता के कारण स्वयं उपस्थित नहीं हो पाएंगे। हालांकि इस कथन का आवेदक पक्ष के अधिवक्ता ने स्पष्ट रूप से खंडन किया और किसी प्रकार का निर्देश देने से इंकार किया।
न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अमन चौरसिया का कृत्य उचित नहीं है, लेकिन अधिवक्ता के अभ्यास की अवधि को देखते हुए फिलहाल उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक आदेश पारित नहीं किया गया। वहीं मामले की गंभीरता और विपक्षी पक्ष की दलीलों को महत्व देते हुए न्यायालय ने परमजीत सिंह पुत्र अर्जन सिंह निवासी मरिआव थाना मरिआव जिला जौनपुर को 24 फरवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने निर्देश दिया कि वाद को नई सूची में 20 फरवरी 2026 को पुनः प्रस्तुत किया जाए। अनुपालन निबंधक को आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक जौनपुर को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके।
