महाशिवरात्रि पर मेरठ परिक्षेत्र में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: 37 राजपत्रित अधिकारी और 3 हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे कमान

Rashtriya Shikhar
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Impeccable Security Arrangements in Meerut Division for Maha Shivratri: 37 Gazetted Officers and 3,000 Police Personnel to Take Command IMAGE CREDIT TO POLICE

मेरठ(शिखर समाचार)। आगामी फाल्गुन महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए मेरठ परिक्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने परिक्षेत्र के सभी जनपदों (मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़) के लिए विस्तृत सुरक्षा कार्ययोजना जारी की है। 13 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस उत्सव में मुख्य पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा, जिसके लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जोन और सेक्टर में बंटा परिक्षेत्र, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

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सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे परिक्षेत्र को 29 जोन और 88 सेक्टर में विभाजित किया गया है। कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए 37 राजपत्रित अधिकारी तैनात किए गए हैं, जिनमें 7 अपर पुलिस अधीक्षक और 30 क्षेत्राधिकारी (सीओ) शामिल हैं। इसके अलावा 139 निरीक्षक, 783 उप-निरीक्षक, 777 मुख्य आरक्षी, 927 आरक्षी, 265 होमगार्ड/पीआरडी के जवान और पीएसी की 5 कंपनियां मोर्चा संभालेंगी। आपात स्थितियों से निपटने के लिए 54 क्विक रिएक्शन टीमें (QRT) भी गठित की गई हैं।

प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर विशेष निगरानी

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परिक्षेत्र के 21 मुख्य मंदिरों, जहां 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, वहां विशेष प्रबंध किए गए हैं। बागपत के पुरा महादेव मंदिर, मेरठ के बाबा ओघड़नाथ मंदिर, बुलंदशहर के बाबा अंबकेश्वर महादेव और हापुड़ के सबली मंदिर पर जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। प्रशासन ने 28 मुख्य कांवड़ मार्गों, 21 मेलों, 14 घाटों और 89 शिविरों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। संवेदनशीलता के आधार पर 165 हॉट-स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जबकि जनपदों की सीमाओं पर 58 बैरियर और 37 पिकेट स्थापित किए गए हैं।

भीड़ प्रबंधन और सीसीटीवी-ड्रोन से मॉनीटरिंग

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डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निर्देश दिए हैं कि भीड़ नियंत्रण के लिए ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए जाएं और मंदिरों के प्रवेश व निकास द्वार पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन हो। सुरक्षा की डिजिटल निगरानी के लिए ड्रोन और आईपी कैमरों का उपयोग किया जाएगा, जिनका सीधा एक्सेस कंट्रोल रूम के पास होगा। कांवड़ मार्गों और मंदिरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही बम निरोधक दस्ता (BDS), एंटी-सबोटॉज चेक (AS Check) टीम और खुफिया विभाग (LIU) को भी सक्रिय कर दिया गया है।

सामाजिक सौहार्द और असामाजिक तत्वों पर जीरो टॉलरेंस

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त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अब तक धर्मगुरुओं और शांति समितियों के साथ 122 गोष्ठियां और शिविर संचालकों के साथ 71 बैठकें की जा चुकी हैं। डीआईजी ने स्पष्ट किया है कि सांप्रदायिक विवादों या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। सोशल मीडिया सेल को भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल खंडन और वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और एंटी-रोमियो स्क्वाड तैनात रहेंगे।

यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाएं

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। पार्किंग स्थलों को मंदिर परिसर से दूर चिन्हित किया गया है ताकि जाम की स्थिति न बने। साथ ही, पुरा महादेव मंदिर के पास चल रहे निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो। आपातकालीन स्थिति के लिए मंदिरों में इमरजेंसी गेट की व्यवस्था और फायर टेंडर की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।

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