9 करोड़ के मोबाइल बरामद कर स्वामियों को किए सपुर्द
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने गाजियाबाद में आते ही जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करना शुरू कर दिया था, जिससे बढ़ाते हुए क्राइम ग्राफ को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए बीट प्रणाली से लेकर कई अन्य फैसले लिए। साइबर ठगों पर अंकुश लगाने के लिए थाना साइबर सेल को मजबूत करते हुए ठगी की वारदातों पर तुरंत एक्शन लेते हुए पीड़ितों को पैसे वापस दिलवाएं। इतना ही नहीं पीड़ितों को सुरक्षित माहौल देने के लिए उन्होंने गाजियाबाद के थानों को हाईटेक करना भी शुरू कर दिया। पुलिस आयुक्त लगातार आला अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें जनता के साथ मधुर व्यवहार करने के निर्देश भी दे रहे है, जिससे पीड़ित घटना होते ही तुरंत पुलिस को सूचना दे और पुलिस त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करें। उनके आदेश पर प्रत्येक थाना क्षेत्र में साइबर अवेकनिंग कार्यक्रम चलाये गए, जिसमें लोगों टास्क फ्रॉड, शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो, फर्जी कूरियर और कस्टमर केयर ठगी जैसे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। वर्ष 2025 में गाजियाबाद पुलिस ने 3172 गुमशुदा व चोरी के मोबाइल बरामद किए, जिनकी अनुमानित लागत 9 करोड़ 10 लाख रुपए है। इसके अलावा लूट, चोरी, डकैती व नकबजनी में कठोर कार्यवाही करते हुए लगभग 31 करोड़ की बरामदगी की। साइबर अपराध में भी प्रभावी कार्यवाही करते हुए करोड़ो रुपय की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई गई।
