ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने हैबतपुर के डूब क्षेत्र स्थित शिवम एन्क्लेव तथा चिपियाना खुर्द गांव में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए करीब 9000 वर्गमीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। बीते 16 दिनों के भीतर यह छठी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे अवैध कालोनियां बसाने वालों में हड़कंप की स्थिति है।
7000 वर्गमीटर अवैध निर्माण गिराया गया, हरित अधिकरण के निर्देशों पर सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार हैबतपुर गांव के खसरा संख्या 209, 210 और 212 की लगभग 7000 वर्गमीटर जमीन पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य किया जा रहा था। यहां अवैध घेराबंदी दीवार, मकान और सीवर लाइन तक डाली जा रही थी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में पूरी संरचना को मशीनों की मदद से गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान तीन जेसीबी मशीनें, तीन डंपर और प्राधिकरण का सुरक्षा बल मौके पर तैनात रहा।
अभियान का नेतृत्व कर रहे अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुमित यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति और अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी कालोनाइजर के झांसे में आकर जमीन न खरीदें और पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से सत्यापन अवश्य करा लें।
अवैध कब्जों के खिलाफ कड़ा अभियान: चिपियाना खुर्द में 2000 वर्गमीटर संरचना गिराई गई
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार ने परियोजना शाखा को निर्देश दिए हैं कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। परियोजना महाप्रबंधक ए के सिंह ने बताया कि चिपियाना खुर्द गांव के खसरा नंबर 59 में भी लगभग 2000 वर्गमीटर क्षेत्र में बने अवैध मकान और चारदीवारी को गिराया गया।
प्राधिकरण की ओर से पिछले दिनों भी कई स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। 20 जनवरी को भनौता में 11340 वर्गमीटर, 28 जनवरी को हैबतपुर में 6000 वर्गमीटर, 4 फरवरी को भनौता में 10000 वर्गमीटर तथा हाल ही में रोहिल्लापुर में 18000 वर्गमीटर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जा चुकी है। इसके अलावा खेड़ा चौगानपुर में आठ टावरों के सौ से अधिक फ्लैटों को सील भी किया गया था।
लगातार चल रही इस मुहिम से साफ संकेत है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों पर प्राधिकरण की नजर कड़ी हो चुकी है और आगे भी बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी।
