गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार)
गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में राजमार्ग संख्या-09 के किनारे खड़े सरकारी यूकेलिप्टस वृक्षों की चोरी छिपे कटाई का मामला उजागर होने पर वन विभाग में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की और पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान विभाग को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपित व्यक्तियों तक पहुंच बनाई गई है और अब उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज पेड़ काटे गए: वन विभाग ने तुरंत जांच शुरू की
गढ़ वन परिक्षेत्र के अधिकारी करण सिंह ने बताया कि राजमार्ग किनारे एक भू-व्यवसायी के कार्यालय के सामने खड़े आठ यूकेलिप्टस और एक चिनार का पेड़ बिना अनुमति काट लिया गया। यह सभी वृक्ष सरकारी अभिलेख में दर्ज थे। सूचना प्राप्त होते ही विभागीय कर्मचारियों ने स्थल निरीक्षण किया, कटे हुए ठूंठों की गिनती की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद लकड़ी के परिवहन और बिक्री से जुड़े सूत्रों को खंगाला गया।
कटाई के पीछे के नेटवर्क की खोजना: ट्रैक्टर चालक व आरा केंद्र पर पूछताछ—पकड़ में दबिश तेज
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/
छानबीन के दौरान एक ट्रैक्टर चालक का पता लगाया गया, जिसने कटे हुए पेड़ों को मौके से हटाया था। साथ ही जिस आरा मशीन केंद्र पर लकड़ी बेचे जाने की जानकारी मिली, वहां भी विभाग ने पहुंचकर पूछताछ की। वहां से भी कुछ नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। वन विभाग और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से दबिश देकर संबंधित लोगों को पकड़ने की तैयारी में जुटे हैं।
अधिकारी करण सिंह ने स्पष्ट कहा कि सरकारी वृक्षों की अवैध कटाई किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में विभाग का कोई कर्मचारी भी लापरवाही या मिलीभगत में शामिल पाया गया तो उसके विरुद्ध भी कठोर विभागीय और कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। विभाग ने आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और राजमार्ग पट्टी पर लगे वृक्षों का नया सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
