गाजियाबाद (शिखर समाचार)। आवास विकास परिषद गाजियाबाद ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई। परिषद को लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर यह अभियान चलाया गया, जिसमें वसुंधरा योजना और सिद्धार्थ विहार योजना में स्वीकृत मानचित्रों से भिन्न निर्माण किए गए थे।
वसुंधरा योजना में अवैध निर्माण ध्वस्त: अधीक्षण अभियंताओं के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में अधिशासी अभियंता निखिल माहेश्वरी तथा विकास गौतम के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया था। टीम निर्माण खंड-1 ने वसुंधरा योजना के भवन संख्या 13/1099 और 14/678 में स्वीकृत मानचित्र से अलग अतिरिक्त तल और सेटबैक घेरकर किए गए निर्माणों को ध्वस्त किया। इन भवनों के खिलाफ पूर्व में ही ध्वस्तीकरण आदेश पारित थे, लेकिन पुलिस बल की अनुपलब्धता और स्थानीय विरोध के कारण कार्रवाई संभव नहीं हो सकी थी।
गुरुवार को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध होते ही टीम ने विरोध और राजनीतिक दबाव का डटकर सामना करते हुए दोनों भवनों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
सिद्धार्थ विहार में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई: टीम ने नोटिस के बाद ध्वस्तीकरण किया
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इसी क्रम में टीम निर्माण खंड-2 ने सिद्धार्थ विहार योजना के सेक्टर-7 स्थित भवन संख्या 7B-24/102 में किए गए अनाधिकृत निर्माण पर बुलडोजर चलाया। यह निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध पाया गया था, जिस पर पहले भी नोटिस जारी किए गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि आवास विकास परिषद द्वारा शहर में निर्माण अनुशासन बनाए रखने और स्वीकृत मानचित्रों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार का अवैध या नियमविरुद्ध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे उसके पीछे कितना भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव क्यों न हो।

गुरुवार की इस कार्रवाई में कुल तीन अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिषद का यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि गाजियाबाद में अब अनधिकृत निर्माण पर पूरी तरह जीरो टॉलरेंस नीति लागू है।
