—-मिशन मोड में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण: वीसी नंदकिशोर कलाल ने दिए सख्त निर्देश
आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार) | गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सबसे महत्वाकांक्षी हनंदीपुरम आवासीय योजना अब धरातल पर उतरने के बेहद करीब है। किसानों के साथ आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने के मॉडल ने इस प्रोजेक्ट को बड़ी कामयाबी दिलाई है। प्राधिकरण अब तक 76 हेक्टेयर जमीन का बैनामा कराकर अपने नाम दर्ज करा चुका है, जबकि 128 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि के लिए किसानों की लिखित सहमति प्राप्त हो चुकी है, जिसकी रजिस्ट्री प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है।
वीसी नंदकिशोर कलाल का विजन : पारदर्शिता और रफ्तार ही मूलमंत्र
योजना की प्रगति पर पैनी नजर रखते हुए जीडीए उपाध्यक्ष (वीसी) और आईएएस अधिकारी नंदकिशोर कलाल ने स्पष्ट किया है कि यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद के भविष्य की तस्वीर बदलेगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हनंदीपुरम योजना प्राधिकरण का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है। किसानों का भरोसा और पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। जिन 128 हेक्टेयर भूखंडों पर सहमति मिल चुकी है, उनकी रजिस्ट्री प्रक्रिया में एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा लक्ष्य किसानों को समय पर भुगतान कर प्रथम फेज को रिकॉर्ड समय में लॉन्च करना है।
सचिव की समीक्षा: ग्राउंड जीरो पर तैनात रहेंगे अधिकारी
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/sihani-gate-police-solved-a-showroom-theft/
भूमि क्रय की जटिलताओं को दूर करने के लिए जीडीए सचिव ने आज संयुक्त सचिव, तहसीलदार, लेखपाल और अमीनों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। सचिव ने जमीनी स्तर पर काम कर रही टीम को सीधे आदेश दिए है कि सहमति प्राप्त प्रकरणों को तत्काल निस्तारित करें। फील्ड ऑफिसर किसानों से सीधा संवाद रखें ताकि कागजी कार्रवाई में कोई अड़चन न आए। प्रथम चरण के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
क्यों खास है हनंदीपुरम योजना?
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/discussion-on-ghaziabad-in-the-review-meeting/
यह योजना गाजियाबाद के नियोजित और संतुलित शहरी विस्तार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके मास्टर प्लान में निम्नलिखित विशेषताएं शामिल हैं। स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: अत्याधुनिक चौड़ी सड़कें और उन्नत ड्रेनेज सिस्टम। ग्रीन सिटी कॉन्सेप्ट: विशाल हरित पट्टियां (ग्रीन बेल्ट) और पार्कों का जाल। पब्लिक एमेनिटीज: स्कूल, अस्पताल, सामुदायिक केंद्र और सुव्यवस्थित आवासीय ब्लॉक।
सहमति मॉडल: विवाद खत्म, विकास शुरू
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/administration-took-strict-action-on-illegal/
हनंदीपुरम में अपनाया गया म्युचुअल एग्रीमेंट मॉडल किसानों और प्राधिकरण के बीच विश्वास की नई मिसाल बन रहा है। इससे न केवल कानूनी अड़चनें खत्म हुई हैं, बल्कि किसानों को भी उनकी जमीन का उचित और सम्मानजनक प्रतिफल मिल रहा है। प्रशासन का पूरा जोर अब उन फाइलों को क्लीयर करने पर है जो 128 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री से जुड़ी हैं।
