नई दिल्ली (शिखर समाचार) दक्षिणी दिल्ली के जसोला क्षेत्र स्थित डीएवी विद्यालय परिसर रविवार को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना के संदेश से गूंज उठा, जहां एक भव्य हिंदू परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों ने सहभागिता कर आपसी परिचय, संवाद और संगठन की भावना को मजबूत किया। आयोजन का आरंभ राष्ट्र की सुरक्षा, लोककल्याण और विश्व शांति की प्रार्थना के साथ वैदिक विधि से संपन्न पंचकुंडीय यज्ञ द्वारा हुआ, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया।
कार्यक्रम संचालन का दायित्व सृष्टि त्यागी ने निभाया। उन्होंने उपस्थित लोगों को नागरिक दायित्वों, सामाजिक अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के पालन की सामूहिक शपथ भी दिलाई। सम्मेलन की अध्यक्षता सेवानिवृत्त कमांडर हरिंदर सिंह सिक्का ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे विज्ञानानंद ने अपने प्रेरक संबोधन में हिंदू समाज के बौद्धिक पुनर्जागरण, आत्मचिंतन और कर्तव्यबोध को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और जागरूकता में निहित है, और जाति, भाषा, प्रांत जैसे विभाजनकारी तत्वों से ऊपर उठकर संगठित प्रयास ही राष्ट्र को मजबूत बना सकते हैं।
पंच परिवर्तन से समाज का सशक्त निर्माण: सम्मेलन में जीवन मूल्य और जिम्मेदारी पर जोर
सम्मेलन के विचार सत्र में पंच परिवर्तन के सूत्र स्व बोध, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य पालन, सामाजिक समरसता और परिवार प्रबोधन पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान डॉ. सुधीर त्यागी, विनय त्रिपाठी और डॉ. चंचल पाल ने व्यावहारिक जीवन में इन मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और इसे समाज के दीर्घकालिक सुदृढ़ीकरण का आधार बताया।
संस्कार, संगीत और सहयोग का अद्भुत मिलन: अभिलिप्सा पांडा की भक्ति प्रस्तुति ने सम्मेलन को बनाया अविस्मरणीय
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आयोजन को सफल बनाने में संरक्षक अनंज त्यागी, कोष व्यवस्था का दायित्व संभाल रहे डॉ. एस. के. पाल तथा समिति के अनेक सक्रिय सदस्यों का विशेष योगदान रहा। सहयोग देने वालों में कुलदीप गर्ग, डॉ. शारदा शर्मा, मोहन चंद्रा, ललित कौशिक, शैलेश कुमार, शोभित श्रीवास्तव, भारती देशमुख, यश भरारा, डॉ. प्रदीप चंपावत, घनश्याम सिंह, जी.पी. द्विवेदी, तमाल मुखर्जी, उमेश दुबे, जे.जी. अबरोल, राजीव चड्ढा और सुरेंद्र गुप्ता सहित अनेक परिवार शामिल रहे।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण युवा गायिका अभिलिप्सा पांडा की भक्ति संगीत प्रस्तुति रही। उनके मधुर भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। समापन अवसर पर आयोजन समिति के सचिव देव बंसल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और सहभागी परिवारों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भविष्य में भी ऐसे संवादात्मक और संस्कार आधारित आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
