बिजनौर (शिखर समाचार)
जनपद बिजनौर में वस्तु एवं सेवा कर से जुड़े एक संगठित फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए शेरकोट थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। फर्जी फर्मों के माध्यम से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से कूटरचित आधार कार्ड, पहचान पत्र, सिम कार्ड तथा अन्य जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
सुनियोजित जीएसटी धोखाधड़ी का पर्दाफाश: धामपुर में छह मुकदमे दर्ज
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि धामपुर क्षेत्र में तैनात राज्य कर विभाग के अधिकारी संदीप कुमार वर्मा द्वारा शेरकोट थाने में वस्तु एवं सेवा कर धोखाधड़ी से संबंधित छह मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इन मामलों की गहन विवेचना के दौरान सामने आया कि उत्तराखंड के जसपुर क्षेत्र के निवासी इंद्रजीत, निशांत, अजमल और वसीम एक सुनियोजित तरीके से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे।
जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और भोले भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद वे उनके आधार कार्ड, स्थायी खाता संख्या कार्ड, फोटो, मोबाइल सिम और बिजली के बिल एकत्र कर लेते थे। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे पीड़ितों के नाम पर कागजों में फर्में पंजीकृत कराई गईं और उनके माध्यम से इनपुट कर क्रेडिट का अवैध दावा करते हुए लगभग दो करोड़ चौबीस लाख रुपये का राजस्व नुकसान सरकार को पहुंचाया गया।
विशेष पुलिस टीम की कार्रवाई: चार गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश जारी
नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस गिरोह के अन्य सदस्य शमा परवीन, कादिर और शाहनवाज अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए अलग अलग पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और शीघ्र ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी व्यापक है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद वस्तु एवं सेवा कर से जुड़े कई अन्य बड़े फर्जीवाड़ों का भी खुलासा हो सकता है। मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर पूरे गिरोह पर शिकंजा कसने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
