गढ़ मेला 2025: मेरठ रेंज से शुरू हुई सख्त निगरानी, हापुड़ को मिला 3000 अतिरिक्त पुलिस बल

Rashtriya Shikhar
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Garh Mela 2025: Strict surveillance begins from Meerut range, Hapur receives 3,000 additional police personnel IMAGE CREDIT TO POLICE

मेरठ (शिखर समाचार) कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले ऐतिहासिक गढ़ मेले-2025 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेरठ परिक्षेत्र स्तर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। डीआईजी रेंज मेरठ कलानिधि नैथानी के आदेश पर मेले की निगरानी की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। जनपद हापुड़ को मेले के सुचारु आयोजन व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस बल और संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं।

गढ़ मेला बनेगा आस्था और सुरक्षा का संगम, हाई-टेक निगरानी से चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

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डीआईजी ने बताया कि गढ़ मेला हर वर्ष की भांति इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगा। श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे मेले क्षेत्र को हाई-टेक निगरानी में रखा जाएगा। मेला परिसर के प्रत्येक मार्ग, प्रवेश और निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनसे हर वाहन और व्यक्ति की गतिविधि पर सतत नजर रखी जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले की सुरक्षा में लगाए जा रहे अतिरिक्त बल का विस्तृत विवरण जारी किया गया है। इसमें 2 अपर पुलिस अधीक्षक, 17 क्षेत्राधिकारी, 30 निरीक्षक, 340 उपनिरीक्षक, 345 मुख्य आरक्षी और 1550 आरक्षी शामिल हैं। इसके अलावा सशस्त्र पुलिस के 14 उपनिरीक्षक और 60 मुख्य आरक्षी-आरक्षी तैनात किए जा रहे हैं।

महिला सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक तक, गढ़ मेले में तैनात रहेगा चाक-चौबंद पुलिस बल

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महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए 26 महिला उपनिरीक्षक और 125 महिला आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 13 निरीक्षक/उपनिरीक्षक और 122 यातायात कर्मी मेले में तैनात रहेंगे। इसके साथ ही एलआईयू के 11 निरीक्षक/उपनिरीक्षक और 45 कर्मी, घुड़सवार पुलिस के 6 जवान मय घोड़े, रेडियो संचार विभाग के 14 अधिकारी-कर्मचारी और परिवहन शाखा के चालक दल को भी शामिल किया गया है।

मेला क्षेत्र में आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर सर्विस के तहत 1 सीएफओ, 4 एफएसओ/एफएसएसओ और 30 फायरमैन लगाए जाएंगे। इसके अलावा नदी सुरक्षा के लिए फ्लड पीएसी की दो प्लाटून, एक पीएसी कम्पनी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की छह टीमें मौजूद रहेंगी। विस्फोटक जांच के लिए चार बीडीडीएस चेक टीमें और पांच एएस चेक टीमें भी सक्रिय रहेंगी।

ड्रोन से डॉग स्क्वाड तक: हाईटेक संसाधनों से लैस रहेगा गढ़ मेला सुरक्षा तंत्र

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तकनीकी निगरानी के तहत 70 स्टैटिक मोबाइल, 300 हैंड-हेल्ड सेट, 6 ड्रोन कैमरे, 40 दूरबीनें और 5 डॉग स्क्वाड मेले में सुरक्षा की अहम कड़ी बनेंगे। भारी, मध्यम और हल्के वाहनों सहित 20 मोटरसाइकिलों की भी व्यवस्था की गई है।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हर वाहन की नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से कैमरे में रिकॉर्ड होनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।पुलिस प्रशासन का दावा है कि इस बार गढ़ मेला पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम होगा। उच्चाधिकारियों की सतत निगरानी और आधुनिक संसाधनों के सहयोग से मेला क्षेत्र को चप्पे-चप्पे पर पुलिस व्यवस्था से सुदृढ़ किया जा रहा है।

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