हापुड़ (शिखर समाचार) थाना हापुड़ क्षेत्र के एक युवक के साथ उसके ही तीन साथियों ने बेहद शातिर तरीके से ऑनलाइन ठगी की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने खुद को न्यायाधीश और थाना प्रभारी निरीक्षक बताकर पीड़ित को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी और डर का फायदा उठाते हुए 5 लाख 30 हजार 400 रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कुवैत में रह रहे युवक को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार हापुड़ के काजीवाड़ा मोहल्ला निवासी आतिफ वर्तमान में कुवैत में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत है। आतिफ के अनुसार उसके तीन परिचितों ने अलग अलग पहचान बनाकर उससे संपर्क किया और स्वयं को थाना प्रभारी निरीक्षक तथा न्यायिक अधिकारी बताया। आरोपियों ने कहा कि उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हो चुका है और शीघ्र ही उसे जेल भेजा जाएगा।
विश्वास दिलाने और भय पैदा करने के लिए आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी गिरफ्तारी वारंट और प्राथमिकी की प्रतियां भी भेजीं। विदेश में होने और कानूनी कार्रवाई के डर के चलते पीड़ित मानसिक दबाव में आ गया। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने अलग अलग बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल 5 लाख 30 हजार 400 रुपये स्थानांतरित करा लिए।
दोस्त ही निकले आरोपी, पुलिस ने किया खुलासा
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/
पीड़ित की शिकायत पर थाना हापुड़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि इस ठगी को अंजाम देने वाले कोई और नहीं बल्कि पीड़ित के ही दोस्त साद, मोअज्जम और संदीप मिश्रा हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से फर्जी वारंट, एक मोटरसाइकिल और नकद धनराशि बरामद की गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने करीब तीन महीनों के दौरान यह रकम ठगी के जरिए हासिल की। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर साइबर ठगी और फर्जी पहचान के जरिए की जाने वाली धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां करीबी लोग ही विश्वास तोड़कर अपराध को अंजाम दे रहे हैं।
