जेवर/ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार) प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत यमुना एक्सप्रेसवे पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनहितकारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जेवर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर एक व्यापक निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, जिसमें वाहन चालकों, यात्रियों और टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
यमुना एक्सप्रेसवे पर चिकित्सा शिविर का उद्घाटन, स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर जागरूकता का संदेश
चिकित्सा शिविर का उद्घाटन यमुना एक्सप्रेसवे के महाप्रबंधक आनंद बृजराज सिंह, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संसार सिंह, यातायात प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र दीक्षित तथा कैलाश हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक अरमिंद्रपाल सिंह द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। अधिकारियों ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को समय की आवश्यकता बताया।
शिविर में उपस्थित चिकित्सकों की टीम द्वारा सामान्य शारीरिक परीक्षण के साथ रक्तचाप, मधुमेह जांच, हृदय परीक्षण (ईसीजी), नेत्र परीक्षण जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। नेत्र जांच के उपरांत जरूरतमंद लोगों को मुफ्त चश्मे भी प्रदान किए गए। आयोजन के दौरान लगभग 200 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जबकि 150 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।
चिकित्सा शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी सेवाएं, सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य को जोड़ा संदेश
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/calendula-will-bloom-from-the-intersections/
इस अवसर पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश मोहन भी मौजूद रहे और उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के साथ स्वस्थ शरीर को सुरक्षित यात्रा की पहली शर्त बताया। शिविर में डॉक्टर अंकुश गौरव, डॉक्टर विप्लव गुप्ता, डॉक्टर सुभाष राणा सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं।
कार्यक्रम के संचालन में यमुना एक्सप्रेसवे प्रशासन की सक्रिय भूमिका रही। एक्सप्रेसवे के पदाधिकारी जयप्रकाश, सहायक महाप्रबंधक कॉरिडोर जयकिशन शर्मा, धर्मेंद्र सक्सेना, मुकेश शर्मा, अनुज कुमार, नीरज शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान आगे भी इसी तरह के जनजागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि सुरक्षित यातायात के साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा की जा सके।
