ग्रेटर नोएडा में 3,700 करोड़ की सेमीकंडक्टर इकाई की आधारशिला, भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता अभियान को नई गति

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
Foundation Laid for ₹3,700 Crore Semiconductor Unit in Greater Noida, Giving New Momentum to India’s Technological Self-Reliance Drive IMAGE CREDIT TO INFORMATION DEPARTMENT

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर 28 में स्थापित की जाने वाली आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेम्बली एवं परीक्षण (ओएसएटी) इकाई की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए और इसे विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
करीब 3,700 करोड़ रुपये के निवेश से बनने जा रही यह अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर असेम्बली एवं परीक्षण सुविधा वर्ष 2028 तक चालू होने की संभावना है। इस परियोजना में डिस्प्ले चालक एकीकृत परिपथ (डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट) का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित इकाई की क्षमता प्रतिमाह 20,000 वेफर्स के प्रसंस्करण की होगी। इस निवेश से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

परियोजना का संचालन और साझेदारी

ALSO READ:https://www.amarujala.com/delhi-ncr/ghaziabad/cold-wave-today-yellow-alert-for-fog-again-from-tomorrow-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-802437-2026-01-15?src=top-subnav

यह इकाई एचसीएल समूह और फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित की जा रही है। यह संयुक्त उपक्रम 60:40 के अनुपात में गठित है। फॉक्सकॉन, जिसे होन हाई प्रिसीजन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है, विश्व की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सेवा प्रदाता कंपनी है।

कार्यक्रम में उपस्थित dignitaries

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/grand-cxo-meet-2025-held-at-its-mohan-nagar/

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित रहे। एचसीएल समूह की अध्यक्ष रोशनी नादर मल्होत्रा और फॉक्सकॉन के अध्यक्ष यंग लियू ने भी समारोह में भाग लिया।

प्रधानमंत्री का संदेश

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/trans-hindon-cyber-police-40-crore-recovered/

सभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह परियोजना भारत में एक सशक्त और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के संकल्प को मूर्त रूप देती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब देश महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिप निर्माण आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था की आधारशिला है और भारत अब केवल उपभोक्ता राष्ट्र नहीं, बल्कि उत्पादक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।

राज्य और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/after-26-days-the-protest-ended/

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां भी सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित होती है, वहां डिजाइन केंद्र, अनुसंधान एवं विकास संस्थान, कौशल विकास केंद्र तथा नवाचार आधारित नवउद्यम स्वतः विकसित होते हैं। योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इतिहास का ऐतिहासिक क्षण बताया।
रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि यह परियोजना प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में एचसीएल समूह की दीर्घकालिक विरासत को और सुदृढ़ करेगी। यंग लियू ने कहा कि यह संयुक्त उपक्रम भारत में कंपनी की स्थानीयकरण रणनीति को दर्शाता है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को मजबूत करेगा।

परियोजना का भविष्य

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/ghaziabad-municipal-corporation-arranging/

ग्रेटर नोएडा में स्थापित होने जा रही यह सेमीकंडक्टर असेम्बली एवं परीक्षण इकाई न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के औद्योगिक और तकनीकी परिदृश्य को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। यह परियोजना भारत की आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और उच्च प्रौद्योगिकी विकास की दृष्टि से मील का पत्थर मानी जा रही है।

2 14
Share This Article
Leave a comment