हापुड़ (शिखर समाचार)
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जुड़े नए प्रावधानों के विरोध में गुरुवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जिले में व्यापक प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्र हुए कार्यकर्ता काले झंडे हाथों में लेकर सत्तारूढ़ दल के जिला कार्यालय पहुंचे और वहां धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। नारेबाजी के बीच कार्यकर्ताओं ने शिक्षा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के निर्णयों पर कड़ा एतराज जताया।
छात्र भविष्य को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रस्ताव विद्यार्थियों के भविष्य के लिए नुकसानदेह हैं। इन प्रावधानों से उच्च शिक्षा की स्वायत्तता और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा युवाओं के अधिकार सीमित होंगे। करणी सेना ने आरोप लगाया कि इन बदलावों से शिक्षा व्यवस्था कमजोर होने की आशंका है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और कार्यालय के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से संवाद किया और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का आग्रह किया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
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धरना स्थल पर करणी सेना के जिला अध्यक्ष युद्धिराणा ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रस्ताव पूरी तरह से छात्र विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने समय रहते इन प्रावधानों को वापस नहीं लिया, तो संगठन राज्यभर में आंदोलन तेज करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि करणी सेना का उद्देश्य किसी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था फैलाना नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है।
पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही। एहतियातन पुलिस बल देर तक तैनात रहा और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन संगठन ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के संकेत भी दिए है।
