मोदीनगर (शिखर समाचार) भोजपुर थाना क्षेत्र में फर्जी पासपोर्ट बनवाने के सनसनीखेज मामले में सोमवार को आतंकवाद रोधी दल (एटीएस) और खुफिया विभाग (आईबी) के अधिकारी सीधे आरोपियों से विस्तारपूर्वक पूछताछ करने पहुंचे। इस जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए मां बेटे दोनों ही अफगान मूल के नागरिक पाए गए।
भोजपुर थाने का डाक मुंशी फरार: डीसीपी ग्रामीण ने निलंबित किया, जांच में बड़े षड्यंत्र का संकेत
मामले के खुलासे के बाद भोजपुर थाने का डाक मुंशी फरार हो गया, जिसे डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने निलंबित कर दिया है। शुरुआती जांच से यह स्पष्ट हो गया कि यह किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।
जानकारी के अनुसार भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव भोजपुर, सैदपुर और हुसैनपुर सहित अन्य कई गांवों के पते पर 22 फर्जी पासपोर्ट बनाए गए थे। इस खुलासे ने स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया। पुलिस अब तक विवेक गांधी, प्रकाश, पोस्टमैन अरुण कुमार और अमनदीप के अलावा सावंत कौर को गिरफ्तार कर चुकी है।
फर्जी पते का मामला: अमनदीप और सावंत कौर के पासपोर्ट नवीनीकरण में धोखाधड़ी, 24 पासपोर्टों में से 22 फर्जी पाए गए
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जांच में सामने आया कि गिरफ्तार अमनदीप और सावंत कौर 1990 से भारत में रह रहे हैं और उनका पासपोर्ट समाप्त हो चुका था। उन्होंने पासपोर्ट का नवीनीकरण करवाने के लिए भोजपुर के पते का गलत इस्तेमाल किया। 9 सितंबर से 12 नवंबर के बीच भोजपुर थाने में 24 पासपोर्टों की जांच हुई, जिनमें केवल दो सही पाए गए जबकि 22 पासपोर्ट फर्जी पते पर आधारित थे।
एटीएस नोएडा और आईबी के अधिकारी आरोपियों से पूछताछ में कई अहम सुराग हासिल कर चुके हैं। प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिल रहा है कि इस साजिश के पीछे अंतरराष्ट्रीय गिरोह भी हो सकता है। फर्जी पासपोर्ट की जांच पूरी तरह से भोजपुर थाने में ही की गई, जिससे पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
इस पूरे मामले के प्रकाश में आने के बाद भोजपुर थाने के डाक मुंशी दीपक कुमार फरार हो गए। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि दीपक कुमार को निलंबित कर दिया गया है और उनकी तलाश जारी है। साथ ही मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
