बादलपुर में घर घर कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू, शून्य अपशिष्ट गांव बनाने की मुहिम तेज

Rashtriya Shikhar
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Door-to-door waste collection system implemented in Badalpur; campaign to make it a zero-waste village gains momentum. IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के बादलपुर गांव में स्वच्छता को नई दिशा देने के उद्देश्य से घर घर कूड़ा उठान व्यवस्था की शुरुआत कर दी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गांव को शून्य अपशिष्ट और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के तहत यह अभियान शुरू किया है। इस व्यवस्था के लागू होने से अब ग्रामीणों को इधर-उधर कचरा फेंकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और पूरे गांव में साफ सफाई की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। कचरा एकत्र करने के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था की गई है, जो प्रतिदिन घरों से अपशिष्ट सामग्री उठाएगा।

सामाजिक संस्था के साथ मिशन साफ-सफाई, कचरे से बनेगा उपयोगी उत्पाद

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इस योजना को लागू करने के लिए प्राधिकरण ने एक सामाजिक संस्था के सहयोग से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग और संस्था के प्रतिनिधियों की बैठक में यह तय किया गया कि गांव से जुटाए गए कचरे को छंटाई केंद्र पर ले जाकर अलग अलग किया जाएगा। वहां सूखे कचरे और पुनः उपयोग योग्य सामग्री को छांटकर पुनर्चक्रण की प्रक्रिया से गुजारा जाएगा। इससे न केवल कचरे की मात्रा घटेगी बल्कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा सकेंगे।

गांव में बनाए गए अपशिष्ट पुनर्प्राप्ति केंद्र पर कूड़े को श्रेणियों में बांटने, छांटने और दोबारा उपयोग लायक बनाने की पूरी व्यवस्था विकसित की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही तो बादलपुर क्षेत्र स्वच्छता प्रबंधन का आदर्श उदाहरण बन सकता है। इसके साथ ही खुले स्थानों पर कूड़े के ढेर और उससे फैलने वाली गंदगी व बीमारियों पर भी रोक लगेगी।

घर-घर जागरूकता अभियान: ग्रामीणों को कचरा अलग करने और स्वच्छता के महत्व की जानकारी

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अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी क्रम में टीमों ने गांव में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया और उन्हें गीले तथा सूखे कचरे को अलग अलग रखने की जानकारी दी। ग्रामीणों को समझाया गया कि रसोई से निकलने वाला जैविक कचरा और प्लास्टिक, कागज, धातु जैसे ठोस कचरे को अलग रखने से निस्तारण आसान होता है और पर्यावरण को नुकसान भी कम पहुंचता है। लोगों को स्वच्छ परिवेश, शुद्ध हवा और बेहतर स्वास्थ्य के बीच संबंध भी बताया गया।

प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि यह पहल केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आगे चलकर अन्य गांवों में भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करने की योजना है। उनके अनुसार यदि स्थानीय स्तर पर कचरे का सही प्रबंधन हो जाए तो शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों स्वच्छ और व्यवस्थित बन सकते हैं।
प्राधिकरण सहयोगी संस्था और ग्रामवासियों के साझा प्रयास से शुरू हुई यह पहल स्वच्छता की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जागरूकता और नियमित निगरानी के बल पर बादलपुर को शून्य अपशिष्ट गांव के रूप में विकसित किया जा सकेगा और यह मॉडल दूसरे क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बनेगा।

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