गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़ (शिखर समाचार)। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर लगने वाले ऐतिहासिक गढ़ गंगा मेले को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने बुधवार को मेला क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने स्नान घाटों, मेला मार्गों, यातायात रूट, पार्किंग स्थलों और कंट्रोल रूम सहित तमाम व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो।
जिलाधिकारी ने मेले में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुचारू रहे
मेला क्षेत्र का भ्रमण करते हुए जिलाधिकारी ने गंगा नदी में विशेष बेरिकेडिंग की व्यवस्था को और मजबूत करने के आदेश दिए, ताकि भीड़ के दबाव के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए यातायात रूट डायवर्जन की योजना पहले से लागू की जा रही है, जिससे आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियंत्रण कक्ष हर समय सक्रिय रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाओं का जीवंत दृश्य
कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व नजदीक आने के साथ ही मेला क्षेत्र का माहौल धार्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा है। हजारों श्रद्धालु पहले ही गढ़ गंगा पहुंचकर अपने-अपने पड़ाव डाल चुके हैं। पूरा क्षेत्र तंबुओं की बस्तियों में बदल चुका है, जहां चारों ओर भक्ति संगीत की गूंज और रंग-बिरंगी रोशनियां मेले की रौनक को चार गुना बढ़ा रही हैं। धार्मिक, सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों के शिविरों में श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्थाएं की गई हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग अपने दायित्वों के अनुरूप समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि यह विशाल मेला प्रशासनिक दृष्टि से एक अनुकरणीय आयोजन बन सके। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और घाटों पर साफ-सफाई की निरंतर निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
