ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। शीत ऋतु के दौरान बढ़ते कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने वाहन चालकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम के निर्देशों के अनुपालन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डा. उदित नारायण पांडेय ने कोहरे में सुरक्षित आवागमन को लेकर विस्तृत सावधानियां जारी की हैं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में घना कोहरा दृश्यता को अत्यंत सीमित कर देता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए थोड़ी सी सावधानी जीवन की बड़ी सुरक्षा बन सकती है।
कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी सलाह: धीमी गति और सावधानी से चलाएं वाहन
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने वाहन चालकों से आग्रह किया कि यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो कोहरे में यात्रा से परहेज करें, क्योंकि समय से अधिक जीवन की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। अपरिहार्य स्थिति में यात्रा करते समय वाहन की गति नियंत्रित रखें और पूरे ध्यान के साथ वाहन चलाएं। वाहन चलाते समय वातानुकूलन प्रणाली का प्रयोग न करें, बल्कि हल्का हीटर चलाकर उसकी हवा सामने के शीशे की ओर रखें, ताकि शीशे पर भाप न जमे। यदि वाहन में डी-फॉगर की सुविधा उपलब्ध हो तो उसे हल्के गर्म तापमान पर उपयोग में लाएं।
उन्होंने बताया कि वाहन की खिड़की का शीशा थोड़ा सा खुला रखने से वाष्प बाहर निकलती रहती है और उचित वेंटिलेशन बना रहता है। इससे सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों की आवाज भी सुनाई देती है। वाहन के शीशों को हाथ से साफ करने के बजाय हमेशा साफ व सूखे सूती या माइक्रोफाइबर कपड़े का प्रयोग करें। हेडलाइट को लो बीम पर रखें और दिन के समय भी घना कोहरा होने पर हेडलाइट जलाकर ही वाहन चलाएं।
कोहरे में ड्राइविंग: हैजार्ड लाइट और सावधानी के साथ सुरक्षित रहें
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कोहरे की स्थिति में हैजार्ड लाइट का प्रयोग करें, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें। यात्रा के दौरान स्टीरियो या एफएम बंद रखें और आसपास के वाहनों की आवाज पर ध्यान दें। अपनी स्थिति की जानकारी के लिए नेविगेशन अनुप्रयोगों का सहारा लें। आगे-पीछे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें, आवश्यकता होने पर ब्रेक धीरे-धीरे लगाएं।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोहरे में ओवरटेक करना जोखिमपूर्ण है, इससे बचें। सड़क के बीच खड़े खराब वाहनों या सड़क किनारे खड़े वाहनों के पास विशेष सावधानी बरतें। कोहरे के कारण दृष्टि भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए दो लेन वाली सड़कों पर वाहन को बाईं ओर रखते हुए धीमी गति से चलाएं और सड़क के बीच वाहन न चलाएं। चार लेन या शहरी क्षेत्रों में जहां डिवाइडर उपलब्ध हों, वहां डिवाइडर के सहारे वाहन चलाना अधिक सुरक्षित माना जाता है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए निजी वाहनों के पीछे लाल रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की भी अपील की गई है। साथ ही बताया गया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत व्यवसायिक वाहनों में आगे की ओर सफेद और पीछे की ओर लाल रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से इन निर्देशों का पालन करने और स्वयं के साथ-साथ अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
