गाजियाबाद (शिखर समाचार)। शहर के सड़क और यातायात प्रबंधन को स्मार्ट और सुचारू बनाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के प्रगति कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। इस अवसर पर पी.डब्ल्यू.डी., यातायात पुलिस, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अक्टूबर माह से पूरे शहर में ITMS के अंतर्गत ट्रैफिक निगरानी प्रणाली सक्रिय हो जाएगी, इसलिए सभी विभागों और टीमों को कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
शहर में कैमरा इंस्टॉलेशन की प्रगति की समीक्षा
बैठक में शहर के विभिन्न स्थानों पर इंस्टॉल किए जा रहे कैमरों की स्थिति का बारी-बारी निरीक्षण किया गया। नगर आयुक्त ने प्रत्येक स्थान पर कार्यों की प्रगति और शेष कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारियों से भी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।
एफकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड मोहित और प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव ने कैमरा इंस्टॉलेशन और मॉनिटरिंग प्रणाली की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में विभागों से आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत ITMS कैमरों से ट्रैफिक नियमों की कसी जाएगी कड़ी निगरानी
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नगर आयुक्त ने कहा कि यह परियोजना राज्य स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत गाजियाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था में आधुनिकता और प्रभावशीलता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। अक्टूबर माह से ITMS के माध्यम से नॉन हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, ओवर स्पीडिंग और अवैध पार्किंग जैसी समस्याओं की सटीक निगरानी की जाएगी। लगभग 850 से अधिक कैमरे शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पूर्ण नजर रखी जाएगी।
इसके अलावा ट्रैफिक मॉनिटरिंग के लिए बनाई जा रही विशेष बिल्डिंग भी लगभग तैयार है। यहां से पुलिस और निगम के अधिकारी संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे। ITMS से जुड़ी ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल लाइटें अब अपने आप रेड और ग्रीन होंगी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगी।
नगर आयुक्त ने बैठक में टीम को अंतिम निर्देश दिए कि अक्टूबर माह तक सभी कार्य पूरी गति से पूरे कर ITMS को पूरी तरह से सक्रिय किया जाए। इस पहल से गाजियाबाद की ट्रैफिक व्यवस्था में तकनीकी सुधार के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होगी।

