गढ़मुक्तेश्वर (शिखर समाचार)। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले ऐतिहासिक गढ़ गंगा मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मेले के मुख्य नियंत्रण कक्ष पहुंचकर एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह और एएसपी विनीत भटनागर के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में मेला ड्यूटी में लगे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने सेक्टरों का गहराई से निरीक्षण करें और कहीं भी कोई कमी दिखाई दे तो तुरंत उसे दुरुस्त कराया जाए।
डीआईजी ने गंगा मेले में सुरक्षा और सुविधा को बनाया सर्वोच्च प्राथमिकता, टीम व समन्वय पर दिया जोर
डीआईजी ने कहा कि गंगा मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी व पुलिसकर्मी टीम भावना से काम करें और किसी भी विभाग के बीच समन्वय की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी छोटी चूक बड़ी समस्या का कारण बन सकती है, इसलिए हर व्यवस्था को जमीन पर परखा जाए।
समीक्षा बैठक के बाद डीआईजी, एसपी और एएसपी ने मेले के विभिन्न हिस्सों का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने स्नानघाटों की सुरक्षा, बैरिकेडिंग की मजबूती, यातायात के वैकल्पिक मार्ग, और भीड़ नियंत्रण की रणनीति का जायजा लिया। साथ ही जिला पंचायत के एएमओ को निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को बिना किसी ढिलाई के बेहतर किया जाए।
गंगा मेला: तंबुओं की नगरी में डेरा डाले श्रद्धालु, अधिकारियों ने स्वास्थ्य-सुरक्षा तैयारियों को किया चौकस
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मेला क्षेत्र अब तंबुओं की विशाल नगरी में बदल चुका है। हजारों श्रद्धालु पहले ही घाटों के आसपास डेरा डाल चुके हैं और स्नान के लिए भीड़ लगातार बढ़ रही है। अधिकारी वर्ग ने आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा टीमों को भी सतर्क मोड में रहने के आदेश दिए।
इस दौरान मेले से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी, पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। पूरा मेला क्षेत्र इस समय श्रद्धा, सुरक्षा और व्यवस्था की एक मिसाल बनता दिखाई दे रहा है।
