बिजनौर (शिखर समाचार)। भारतीय किसान यूनियन की ओर से बिजनौर के प्रदर्शनी मैदान में आयोजित विशाल किसान महापंचायत में गन्ने का मूल्य 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन हर स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन गन्ने के मूल्य में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं होने के कारण धान, मक्का और आलू उत्पादक किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने देशभर के किसानों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि किसानों को संगठित करने के उद्देश्य से भारतीय किसान यूनियन हर महीने देशभर में 10 से 15 किसान बैठकें कर रही है।
किसान एकता और धार्मिक सौहार्द पर दिया जोर
राकेश टिकैत ने किसानों से हिंदू-मुस्लिम के नाम पर आपस में संघर्ष करने के बजाय अपने आर्थिक और कृषि संबंधी मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की। अबू धाबी में मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने धार्मिक सौहार्द की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धार्मिक मुद्दों पर टकराव से समाज और देश को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान और उनकी मांगों को पूरा कराना जरूरी है। जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा।
महापंचायत में जुटे बिजनौर और आसपास के जिलों के किसान
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महापंचायत की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान ने की। इसमें बिजनौर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से पहुंचे। इस दौरान संगठन के कई वरिष्ठ किसान नेताओं ने भी अपने विचार रखे और किसान एकता मजबूत करने पर जोर दिया।
