शामली में सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, नैनो उर्वरकों के प्रयोग पर दिया गया जोर

Rashtriya Shikhar
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Cooperative Training Program Held in Shamli, Emphasis Laid on the Use of Nano Fertilizers IMAGE CREDIT TO समिति

शामली (शिखर समाचार)
इफको द्वारा सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड, शामली पर जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बसंतकालीन गन्ना फसल की बुवाई के दौरान नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक एवं संतुलित प्रयोग के प्रति कर्मचारियों और किसानों को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिए मार्गदर्शन

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कार्यक्रम में इफको के उप महाप्रबंधक ब्रजवीर सिंह, क्षेत्र प्रबंधक विवेक सिंह, ओम प्रकाश सिंह सचिव गन्ना समिति शामली, अजीत सिंह सचिव गन्ना समिति ऊन, प्रेम नारायण शुक्ला ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गन्ना समिति शामली, डीएन पाण्डेय ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गन्ना समिति ऊन तथा मारकंडे मौर्य ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गन्ना समिति थाना भवन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला गन्ना अधिकारी रणजीत सिंह कुशवाहा ने उपस्थित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे बसंतकालीन गन्ना बुवाई में किसानों को नैनो उर्वरकों की प्रयोग विधि और उनके लाभ विस्तार से समझाएं। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक पद्धति से नैनो उर्वरकों का उपयोग किया जाए तो उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

नैनो उर्वरकों के प्रयोग और लाभ

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इफको के उप महाप्रबंधक ब्रजवीर सिंह ने जानकारी दी कि गन्ने के बीज को प्रति लीटर पानी में 10 मिलीलीटर नैनो डीएपी एवं जैविक कंसोर्टिया से उपचारित कर बुवाई करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त नैनो यूरिया प्लस, नैनो जिंक और नैनो कॉपर के प्रयोग की विधि एवं लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि इन उर्वरकों के उपयोग से अंकुरण बेहतर होता है तथा फसल की प्रारंभिक वृद्धि सशक्त होती है।

क्षेत्र प्रबंधक विवेक सिंह ने दानेदार उर्वरकों और रासायनिक पदार्थों के अंधाधुंध प्रयोग से मृदा एवं फसलों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया। उन्होंने संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि गन्ने की पड़ी फसल में ऊपर से डीएपी उर्वरक डालने के बजाय नैनो डीएपी से उपचारित करना अधिक लाभकारी है। खड़ी फसल में नैनो डीएपी 500 मिलीलीटर एवं सागरिका 500 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से पत्तियों पर छिड़काव करने की सलाह दी गई। इससे अधिक अंकुरण, अधिक कल्ले तथा अंततः उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित होती है।

कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी

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ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ऊन डीएन पाण्डेय ने इफको के नैनो उर्वरकों को भविष्य का उर्वरक बताते हुए सभी कर्मचारियों से इसके व्यापक प्रचार प्रसार का आह्वान किया।

कार्यक्रम में गन्ना सुपरवाइजर सहित लगभग 40 कर्मचारी उपस्थित रहे। इफको से शिवम शर्मा और कपिल कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान नैनो उर्वरकों के व्यवहारिक उपयोग, संतुलित पोषण प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विशेष बल दिया गया।

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