मोदीनगर (शिखर समाचार)
नगर के प्रसिद्ध एवं पौराणिक सीकरी खुर्द स्थित महामाया देवी मंदिर के खाते में जमा करीब 25 करोड़ रुपये की धनराशि अब मंदिर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण कार्यों में खर्च की जाएगी। इस संबंध में शनिवार को मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के आधार पर ही आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में हुए निर्णय और उपस्थित गणमान्य लोग
बैठक में उपजिलाधिकारी अजीत सिंह, तहसीलदार रजत सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद वैशाली, अधिशासी अधिकारी नरेंद्र मोहन मिश्रा सहित ग्रामीणों की ओर से किसान नेता बबली गुर्जर, राहुल प्रधान, नीरज प्रजापति, निर्दोष खटाना तथा तिलक राज समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में मंदिर के समग्र विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार तथा आगामी धार्मिक आयोजनों को अधिक सुव्यवस्थित और भव्य बनाने पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद वैशाली ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर के खाते में जमा धनराशि से विस्तारीकरण के लिए आसपास के किसानों से उचित मूल्य पर भूमि क्रय की जाएगी, जिससे मंदिर परिसर का दायरा बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में दो भव्य और विशाल प्रवेश द्वारों का निर्माण कराया जाएगा, जो इसकी धार्मिक गरिमा और आकर्षण को और बढ़ाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए बेहतर मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
नवरात्र मेला और सुरक्षा व्यवस्थाएँ
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बैठक में विशेष रूप से चैत्र मास के नवरात्र के अवसर पर लगने वाले विशाल मेले की तैयारियों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि इस वर्ष मेले को पहले से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित रूप दिया जाएगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा, पेयजल, साफ सफाई, यातायात व्यवस्था और अस्थायी दुकानों के सुव्यवस्थित संचालन की रूपरेखा भी समिति द्वारा तैयार की जाएगी।
पालिका अध्यक्ष ने यह भी बताया कि मेले के दौरान आसपास के किसानों की फसलों को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए पहले मुआवजा दिया जाता रहा है, लेकिन कई बार इसमें विलंब हो जाता था। अब निर्णय लिया गया है कि किसानों को फसल का मुआवजा अग्रिम रूप से प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। समिति गठन के बाद मंदिर के विकास कार्यों को पारदर्शिता और नियोजित ढंग से आगे बढ़ाने पर बल दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी कार्य नियमानुसार और जनसहभागिता के साथ संपन्न कराए जाएंगे। बैठक के अंत में उपस्थित लोगों ने मंदिर के विस्तार और सौंदर्यीकरण को क्षेत्र की आस्था और विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया।
