मोदीनगर (शिखर समाचार) नगर के गुरुधाम मंदिर परिसर में 8 फरवरी 2026 का दिन कला, संस्कार और आध्यात्मिक वातावरण के अनोखे संगम का साक्षी बना, जब मंदिर प्रांगण में पहली बार विशाल प्रथम ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन ब्रह्मलीन बड़े गुरुजी पंडित बृजमोहन शर्मा के आशीर्वाद तथा छोटे गुरुजी महाराज पंडित सुनील शर्मा और संजय गौड़ के सानिध्य में संपन्न हुआ। पूरे दिन मंदिर परिसर रंगों, कल्पनाओं और बच्चों की रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर रहा। ड्राइंग प्रतियोगिता में नगर और आसपास के क्षेत्रों के अनेक विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और अपनी चित्रकृतियों के माध्यम से धर्म, प्रकृति, राष्ट्रभावना और नैतिक मूल्यों को कागज़ पर जीवंत कर दिया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में विद्यार्थियों और अभिभावकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। पंजीकरण के बाद बच्चों ने निर्धारित विषयों पर चित्र बनाना शुरू किया। किसी ने भारतीय संस्कृति को रंगों में उकेरा तो किसी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कई चित्रों में आध्यात्मिक प्रतीक, सामाजिक एकता और मानवीय संवेदनाओं की झलक स्पष्ट दिखाई दी। निर्णायक मंडल ने बच्चों की कल्पनाशक्ति, रंग संयोजन, विषय प्रस्तुति और भाव अभिव्यक्ति को आधार बनाकर मूल्यांकन किया।
कला से आत्मविश्वास और नैतिक शिक्षा: बच्चों ने चित्रकला स्पर्धा में दिखाया हुनर और संवेदनशीलता
स्पर्धा में दयावती मोदी पब्लिक विद्यालय, मॉडर्न अकादमी, टीआरएम विद्यालय, छाया पब्लिक विद्यालय, डैफोडिल्स विद्यालय, डॉल्फिन विद्यालय और समरफील्ड विद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पुस्तकीय शिक्षा के साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति भी सीखते हैं।
आयोजन का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को कला के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना और नैतिक जीवन मूल्यों से जोड़ना रहा। मंदिर परिसर में आयोजित इस गतिविधि ने बच्चों को अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का व्यावहारिक अनुभव भी कराया। अभिभावकों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में क्षेत्र की जनप्रतिनिधि मोदीनगर विधायक डॉ मंजू शिवाच, नगर पालिका मोदीनगर के चैयरमेन विनोद वैशाली, मोदीनगर कोतवाली के थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा और ब्लॉक प्रमुख सुचिता ने उपस्थित होकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। अतिथियों ने सभी प्रतिभागियों की चित्रकृतियों का अवलोकन किया और कहा कि कला समाज को संवेदनशील और जागरूक बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने आयोजकों की इस पहल को सराहनीय बताया।

संस्कार और सृजन का संगम: छोटे गुरुजी पंडित सुनील शर्मा ने बच्चों की प्रतिभा को दी नई दिशा
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इस अवसर पर छोटे गुरुजी महाराज पंडित सुनील शर्मा जी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच देना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि जब बाल मन रंगों और सृजन के माध्यम से ईश्वर, संस्कृति और सदाचार से जुड़ता है तो उसका व्यक्तित्व स्वतः ही उज्ज्वल दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने सभी विद्यालयों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के संस्कारपरक आयोजन निरंतर जारी रखने की घोषणा की।
पूरे कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में संजय गौड़, संदीप शर्मा, अभिषेक गुप्ता, नितिन माहेश्वरी, संदीप माहेश्वरी, अमित शर्मा, चिराग, नानू, दीपक गुप्ता, उदित अरोड़ा, दीपक, डॉक्टर अनिरुद्ध शर्मा, पवन और अतुल का विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन सफल हो पाते हैं।

