ग्रेटर नोएडा की जूनियर एनसीसी कैडेट चेष्टा सिंह का आरडीसी 2026 में चयन, एसकेएस विद्या मंदिर को मिला राष्ट्रीय गौरव

Rashtriya Shikhar
2 Min Read
Cheshta Singh, Junior NCC Cadet from Greater Noida, selected for RDC 2026; SKS Vidya Mandir receives national honor IMAGE CREDIT TO SCHOOL

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। ग्रेटर नोएडा स्थित संत किशोरी शरण (एसकेएस) विद्या मंदिर की होनहार छात्रा एवं जूनियर एनसीसी कैडेट चेष्टा सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय, जिले और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। 31 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी से जुड़ी चेष्टा सिंह का चयन वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर (रिपब्लिक डे कैंप) के लिए किया गया है, जिसे एनसीसी की सर्वोच्च उपलब्धियों में गिना जाता है।

चेष्टा सिंह की उपलब्धि: गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व

ALSO READ:https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/ghaziabad/news/ghaziabad-nagar-aayukt-inaugurates-health-camp-distributes-ppe-kits-to-safai-mitras-137014820.html

गणतंत्र दिवस शिविर में वही कैडेट स्थान बना पाते हैं, जो कठिन चयन प्रक्रियाओं में उत्कृष्ट शारीरिक क्षमता, अनुशासन, नेतृत्व कौशल और ड्रिल में श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। चेष्टा सिंह ने इन्हीं मानकों पर खरा उतरते हुए कई स्तरों के चयन चरणों को सफलता पूर्वक पार किया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अब वह दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली भव्य गणतंत्र दिवस परेड एवं राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश निदेशालय का प्रतिनिधित्व करेंगी।

चेष्टा सिंह की प्रेरक यात्रा: संकल्प और परिश्रम से मिली NCC में ऐतिहासिक सफलता

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/iicdem-2026-begins-bharat-mandapam-hub/

विद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि चेष्टा की सफलता अनुशासन, निरंतर अभ्यास और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का प्रतिफल है। एक जूनियर कैडेट द्वारा इस स्तर तक पहुँचना न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी एनसीसी, सेना और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी। चेष्टा सिंह की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि मजबूत संकल्प और अथक परिश्रम के सामने उम्र या परिस्थितियाँ बाधा नहीं बन सकतीं। विद्यालय के प्रशिक्षकों, शिक्षकों और सहपाठियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। जानकारी के अनुसार, उनके लौटने पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित कर उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

Share This Article
Leave a comment