IICDEM-2026 में भारत निर्वाचन आयोग का बड़ा डिजिटल कदम, ECINET मंच राष्ट्र को समर्पित

Rashtriya Shikhar
5 Min Read
Big digital move by the Election Commission of India at IICDEM-2026, ECINET platform dedicated to the nation IMAGE CREDIT TO निर्वाचन आयोग भारत सरकार

नई दिल्ली (शिखर समाचार)
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचकीय प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM) 2026 के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन से जुड़ी सभी सेवाओं और जानकारियों को एक स्थान पर उपलब्ध कराने वाला अत्याधुनिक डिजिटल मंच ECINET औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया। तीन दिवसीय इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से आए निर्वाचन प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

ई-निर्वाचन का नया अध्याय: ECINET से डिजिटल लोकतंत्र को नई उड़ान

ALSO READ:https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/ghaziabad/news/ghaziabad-nagar-aayukt-inaugurates-health-camp-distributes-ppe-kits-to-safai-mitras-137014820.html

इस अवसर पर बताया गया कि ECINET की परिकल्पना मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधु तथा निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी के साथ मिलकर की थी। इस डिजिटल मंच के विकास की घोषणा मई 2025 में की गई थी, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंच के लोकार्पण के दौरान कहा कि ECINET को पूरी तरह कानून के अनुरूप विकसित किया गया है और यह संविधान में उल्लिखित अनुसूचित 22 भारतीय भाषाओं के साथ साथ अंग्रेजी में भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत अपने अनुभव साझा करते हुए अन्य देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों के साथ सहयोग करने को तैयार है, ताकि वे भी अपने कानून और भाषाई आवश्यकताओं के अनुसार ऐसे डिजिटल मंच विकसित कर सकें।

ECINET: पारदर्शिता और विश्वास के नए मानक का डिजिटल साधन

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/iicdem-2026-begins-bharat-mandapam-hub/

निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधु ने कहा कि ECINET पारदर्शिता बढ़ाने वाला एक प्रभावी माध्यम है, जो निर्वाचन प्रबंधन संस्थाओं पर आम जनता का भरोसा मजबूत करता है। यह मंच न केवल कार्यों की निगरानी में सहायक है, बल्कि त्वरित निर्णय लेने और सूचनाओं के व्यापक प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि IICDEM जैसा सम्मेलन विभिन्न देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों को तकनीक और डिजिटल नवाचार से जुड़ी वैश्विक श्रेष्ठ प्रक्रियाओं से सीखने और उन्हें अपनाने का अवसर प्रदान करता है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं और अधिक सशक्त हो सकें।

ECINET में साइबर सुरक्षा: चुनावी पारदर्शिता और भरोसे का डिजिटल कवच

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/expired-liquor-worth-2-50-crore-destroyed/

सूचना एवं प्रौद्योगिकी महानिदेशक सीमा खन्ना ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि ECINET की संरचना में साइबर सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में प्रौद्योगिकी केवल सहायक भूमिका तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि नीति और रणनीति को सशक्त बनाने का माध्यम बन चुकी है। ECINET के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और विश्वसनीयता के साथ साथ नागरिकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार ECINET विश्व का सबसे बड़ा निर्वाचन सेवा मंच है, जिसमें आयोग के 40 से अधिक मोबाइल अनुप्रयोगों और वेब पोर्टलों को एकीकृत किया गया है। यह मंच देश के करोड़ों मतदाताओं, अभ्यर्थियों, राजनीतिक दलों और निर्वाचन पदधारियों को एक ही सुरक्षित डिजिटल प्रणाली से जोड़ता है।

WhatsApp Image 2026 01 21 at 7.39.53 PM 1

इस मंच को भारत के संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 तथा निर्वाचन संचालन नियम 1961 के पूर्ण अनुपालन में विकसित किया गया है। इसके माध्यम से मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम खोज, आवेदन की स्थिति जानना, उम्मीदवारों की जानकारी, निर्वाचन पदधारियों से संपर्क, बूथ लेवल अधिकारी से संवाद, इलेक्ट्रॉनिक मतदाता पहचान पत्र डाउनलोड, मतदान रुझान की जानकारी और पत्र से जुड़ी शिकायतें जैसी अनेक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं।

आयोग ने बताया कि बिहार विधानसभा निर्वाचन 2025 और मतदाता सूची की शुद्धता के लिए किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान ECINET के बीटा संस्करण का सफल प्रायोगिक उपयोग किया गया था। इस दौरान नागरिकों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए, जिनके आधार पर मंच को और अधिक उपयोगी बनाया गया।
बीटा संस्करण के जारी होने के बाद से अब तक ECINET के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक पंजीकरण प्रपत्रों का निस्तारण किया जा चुका है, जिसमें प्रतिदिन औसतन ढाई लाख से अधिक आवेदन शामिल हैं। इस मंच पर 11 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी पंजीकृत हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान 150 करोड़ से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण भी इसी मंच के माध्यम से किया गया। साथ ही क्षेत्र स्तर पर कार्यरत निर्वाचन पदधारियों की निगरानी के लिए एक सशक्त और निर्बाध व्यवस्था भी ECINET ने उपलब्ध कराई है। कुल मिलाकर ECINET भारत की निर्वाचन प्रणाली को तकनीक के माध्यम से और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में सामने आया है।

Share This Article
Leave a comment